नई दिल्ली. जम्मू के राजौरी जिले में व्हाट्सऐप द्वारा सामुदायिक भावना को भड़काने के आरोप में बीजेपी नेता समेत लगभग 12 लोगों पर केस दर्ज हुए हैं. पुलिस के अनुसार, यह मैसेज 14 सितंबर से लोगों के बीच भेजा जा रहा था.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पुलिस ने कहा कि जिसने ये फोटो अपलोड की थी, उसकी पहचान अतम प्रकाश के रूप में हुई है जो कि बीजेपी के जिला महासचिव हैं. इसके अलावा जिस ग्रुप से ये सभी फोटोज फॉरवर्ड की जा रही थीं, उसके एडमिन की पहचान विक्रांत शर्मा के रूप में हुई है जो कि बीजेपी नेता कुलदीप राज गुप्ता के जनसम्पर्क अधिकारी हैं.

सहारनपुर में एक महिला पर केस दर्ज

ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले से आया है. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले में रितु राठौर नाम की महिला के खिलाफ गाय से संबंधित अफ़वाह फैलाने के कारण एफ़आईआर दर्ज की गई है .रितु पर आरोप है कि उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल @RituRathaur पर ये अफ़वाह फैलाई जिससे सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका थी.

रितु बीजेपी से भी जुड़ी रही हैं. इस मामले पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया, ‘आप किसी के दबाव में आकर किसी एक ख़ास व्यक्ति को टारगेट नहीं कर सकते. जो रितु ने ट्वीट किया वैसा पोस्ट मैंने कई और लोगों के अकाउंट पर देखा है.’

सरकार रख रही है सोशल मीडिया पर नज़र

आपको बता दें कि दादरी कांड में जिस तरह से सोशल मीडिया का गलत प्रयोग किया गया उसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करके प्रदेश का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

अखिलेश ने कहा है कि आम जनता की तरफ से सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जा रहा है. कुछ शरारती तत्व माहौल खराब करने और अश्लील सामग्री या फोटो व्हाट्सएप पर डाल देते है. जिससे माहौल खराब हो जाता है और सांप्रदायिक दंगे भड़क जाते हैं.

इससे पहले भी  दो साल पहले उत्तर प्रदेश में हुए मुज़फ्फरनगर दंगो में प्रदेश का माहौल बिगाड़ने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया गया था.