नई दिल्ली. आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने ट्वीट करके कहा है कि ‘काले धन के खिलाफ लड़ाई आर्थिक सुधारों का हिस्सा है. एक देश के नाते हम छद्म अर्थव्यवस्था को वास्तविक अर्थव्यवस्था और वृद्धि को कमजोर करने की अनुमति नहीं दे सकते.

 

दास ने कहा कि कालाधन अनुपालन सुविधा के तहत जिन लोगों ने अपनी संपति  खुलासा नहीं किया है उन्होंने सूचना आदान प्रदान की ताकत को कम करके आंका है. उन्हें पछताना पड़ेगा. दास ने कहा कि एकमुश्त अनुपालन सुविधा की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गयी थी. इसके तहत जिन लोगों की विदेशों में ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति है, वे अपनी संपत्तियों का खुलासा कर सकते थे और कर अदा कर और 60 फीसदी जुर्माना अदा कर आरोपों से मुक्त हो सकते थे.

काले धन के खुलासे से मिले 3770 करोड़

विदेशों में जमा काले धन का खुलासा कर सज़ा और जुर्माने से बचने के लिए चलाई गई योजना बुधवार को खत्म हो गई थी. केंद्र सरकार के मुताबिक इसके तहत किए गए 638 खुलासों के जरिए सरकार को 3,770 करोड़ रुपये मिले हैं.