मुबंई. महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.विद्यासागर राव ने अभिनेता संजय दत्त की दया याचिका को खारिज कर दिया है और उन्होंने कहा है कि संजय को माफ़ नहीं किया जा सकता है. यह याचिका 2013 में एक संगठन द्वारा दायर की गई थी. इसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू भी शामिल थे. आपको बता दें कि 1993 के सीरियल बम विस्फोट मामले में आर्म्स एक्ट में दोषी संजय दत्त पुणे के येरवडा जेल में सज़ा काट रहे हैं. अभी संजय दत्त 30 दिन के पेरोल पर जेल से बाहर हैं. यह दया याचिका 2013 में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने दायर की थी. 
 
क्या है मामला? 
 
संजय दत्त, 1993 के सीरियल बम विस्फोट मामले में 42 महीनों की सजा काट रहे हैं. 2007 में उन्हें 6 साल की सज़ा हुई थी. उसके बाद 18 महीने की सज़ा काटने के बाद वह बाहर आ गए थे. 2013 में कोर्ट ने दोबारा  उन्हें बाकी की सज़ा काटने के लिए पुणे की येरवडा जेल भेज दिया. संजय की सज़ा फरवरी 2016 तक रहेगी और वे सजा के मुताबिक फरवरी 2016 के बाद रिहा हो जाएंगे. 
 
फिलहाल संजय दत्त अपनी बेटी की नाक की सर्जरी के लिए पैरोल पर बाहर हैं. कई लोगों की शिकायत है कि उन्हें जेल से कई बार पैरोल पर बाहर आने दिया जाता है. उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है.  मई 2013 और 2014 के बीच संजय ने लगभग 118 दिन जेल से बाहर बिताए हैं.