नई दिल्ली.भारत के मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने का कहना है कि उन्होंने कभी किसी हाई कोर्ट में ऐसी स्थिति पैदा होने की कल्पना भी नहीं की थी जो स्थिति आज मद्रास हाईकोर्ट में देखने को मिल रही है. कुछ वकीलों की अराजकता के चलते मद्रास हाई कोर्ट के जजों में दहशत का माहौल है. उन्होंने कहा है कि ऐसा न्याय व्यवस्था के इतिहास में आज तक कभी नहीं हुआ.

दरअसल हाई कोर्ट की ओर से पेश हुए सीनियर ऐडवोकेट केके वेणुगोपाल का कहना है कि कुछ वकील हाई कोर्ट के कॉरिडोर में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालते हैं, कोर्टरूम की कार्यवाही में बाधा पैदा करने के लिए अपने घरवालों को लेकर आते हैं, जजों को गाली देते हैं और उनके खिलाफ लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं.

वेणुगोपाल का कहना था कि स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है और वकील लगातार जजों के चेंबर में जाकर उनके खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं. उन्होंने कोई ऐक्शन लेने के लिए दत्तू के सामने गुहार लगाते हुए कहा, ‘जजों की सुरक्षा करने का वक्त आ गया है’.

बार असोसिएशन और बार काउंसिल दे जवाब- दत्तू

इस मामले की सुनवाई दत्तू और अमिताभ रॉय की बेंच कर रही थी.सुनवाई के दौरान दत्तू ने कहा, ‘मद्रास हाई कोर्ट में वकील तमिल को कोर्ट की आधिकारिक भाषा बनाने की मांग कर रहे हैं,  जजों को हर समय वकीलों की भीड़ आने का डर सताता है. मद्रास हाई कोर्ट को वकीलों के उच्च प्रतिमानों के लिए जाना जाता रहा है. बार असोसिएशन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया हमें बताए कि वे क्या कर रहे हैं ?. अनियंत्रित वकीलों के अपने बीवी-बच्चों के साथ कोर्टरूम में घुसकर तमिल को आधिकारिक भाषा बनाने पर वे क्यों खामोश हैं?’