मुंबई. शीना बोरा मर्डर मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. महाराष्ट्र सरकार ने शीना मर्डर मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है. अभी इस मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है. कुछ ही दिन पहले पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का सरकार ने ट्रांसफर कर दिया था. अभी तक इस केस में मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार के ऊपर नाकामी का आरोप लगता आ रहा है. सूत्रों की मानें तो इस केस में कई हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं, जिसके चलते राकेश मारिया को केस से हटा दिया गया.  
 
शीना बोरा मर्डर केस में हो रहे नए-नए खुलासे  
आज ही शीना बोरा मर्डर केस में एक नया खुलासा हुआ है, ये खुलासा खुद मुंबई पुलिस कमिश्नर अहमद जावेद ने किया है. अहमद जावेद ने माना है कि वे पीटर और इंद्राणी मुखर्जी को जानते हैं. एक अंग्रेजी चैनल के मुताबिक पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि हां मैं पीटर और इंद्राणी मुखर्जी को जानता हूं लेकिन पर्सनली नहीं. उन्हें एक पार्टी के लिए भी इनवाइट किया गया था.
 
‘सीनियर ने एफआईआर दर्ज करने से रोका था’
इस केस में नए-नए खुलासे होने का सिलसिला लगातार जारी है. अब एक पुलिस इंस्पेक्टर ने दावा किया है कि तीन साल पहले रायगढ़ के जंगलों से शीना की डेड बॉडी मिलने के बाद उनके एक सीनियर ने एफआईआर दर्ज करने से रोक दिया था. पुलिस इंस्पेक्टरव के इस खुलासे के बाद अब ये सवाल उठने लगा है कि क्या शीना बोरा के मर्डर के मामले को दबाने की कोशिश की गई थी ?
 
क्या है मामला? 
आपको बता दें कि शीना बोरा का शव रायगढ़ के जंगल से 24 अप्रैल 2012 को मिला था. पिछले कई सालों से ये हाई प्रोफाइल मामला सबके लिए एक रहस्य बना हुआ है, लेकिन रोज-रोज नए खुलासों से अब केस से पर्दा उठ रहा है. आरोप है कि शीना की मां इंद्राणी, उसके पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर ने लाश को जंगल में दफना दिया था.