नई दिल्ली. दिल्ली में डेंगू से एक और बच्चे की मौत का मामला सामने आया है. 7 साल के अविनाश की मौत के बाद अब श्रीनिवासपुरी में भी अस्पतालों की अनदेखी की वजह से 6 साल के अमन की डेंगू से मौत हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन के सख्त आदेश के बावजूद भी अस्पतालों ने बच्चे को एडमिट करने से मना कर दिया था. 
 
बताया जा रहा है कि बुख़ार आने पर छह साल के अमन को गोदरेज़ अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच में उसे डेंगू पाया गया. वहां से अमन को सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अस्पताल ने इस बात से इंकार किया कि अमन को डेंगू नहीं है. कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद उसको जीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया. 
 
अमन कुछ दिन वहां एडमिट रहा लेकिन उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नज़र नहीं आ रहा था जिसके बाद उसके माता-पिता ने मूलचंद अस्पताल, बत्रा अस्पताल और मैक्स अस्पताल इलाज के लिए बात की लेकिन अस्पतालों ने इलाज करने से इंकार कर दिया और सही समय पर इलाज न मिलने पर एक और मासूम की मौत हो गई.
 
डेंगू से सरकारी महकमा अभी तक लड़ने में नाकामयाब रहा है. हालात ये हो चुके  हैं कि दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में सरकारी और निजी अस्पताल डेंगू के मरीजों से भरे हुए हैं. यहां तक की एक-एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती हैं.कई लोगों को इलाज के लिए बेड ही नहीं मिल पा रहे हैं. डेंगू से दिल्ली में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है  जबकि 1872  मरीज दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में डेंगू का इलाज कर रहे हैं.  
 
आपको बता दें कि दिल्ली में डेंगू का कहर बढ़ता ही जा रहा है.  पिछले पांच सालों की तुलना में इस बार दिल्ली में डेंगू के आंकड़े डराने वाले हैं. आंकड़ों के मुताबिक़, 5 सितम्बर तक डेंगू के 1529 मामले सामने आए हैं. 2009 के बाद से अभी तक डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं.  2009 मे डेंगू के 1512 मामले सामने आए थे. मेडिकल स्पेशलिस्ट की मानें तो अभी डेंगू के मामले और बढ़ सकते हैं. दिल्ली के तापमान में गिरावट नहीं आई है जिसके बाद से डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है. 
 
अगर आपको भी इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हों, तो तुरंत जाकर चेकअप कराएं-
तेज ठंड लगना.
सिर, कमर और आंखों में तेज दर्द होना.
चमड़ी के नीचे लाल धब्बे आना.
जी मचलाना, उल्टी, दस्त लगना.