नई दिल्ली. सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में और श्रम कानूनों के संशोधन के प्रस्ताव के खिलाफ 10  ट्रेड यूनियन आज हड़ताल पर हैं. वहीं सरकार ने  यूनियनों से  आंदोलन वापस लेने की अपील की है.  हड़ताल करने जा रही यूनियनों ने दावा किया है कि उनके सदस्यों की संख्या 15 करोड़ है जिसमें निजी और सरकारी दोनों क्षेत्र शामिल हैं.
 
 
यूनियनों का कहना है कि मंत्रियों के समूह के साथ बातचीत का कोई नतीजा ना  निकलने के बाद यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है.  श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा है कि हड़ताल से आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि वह यूनियनों से हड़ताल वापस लेने की अपील करता हैं.