नई दिल्ली. लॉ कमीशन ने आतंकवाद और देश के खिलाफ युद्ध को छोड़कर सभी जुर्म के लिए सजा-ए-मौत को खत्म करने की वकालत की है. अपनी सौंपी गई रिपोर्ट में कमीशन ने कहा है कि सिर्फ आतंकवाद और राष्ट्रद्रोह के मामलों में ही फांसी की सजा होनी चाहिए.
 
 
कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस एपी शाह ने कहा है कि कमीशन के  नौ में से छह सदस्य रिपोर्ट से सहमत हैं. तीन असहमत सदस्यों में से दो सरकार के प्रतिनिधि हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि आंख के बदले आंख का सिद्धांत हमारे संविधान की बुनियादी भावना के खिलाफ है. बदले की भावना से न्यायिक तंत्र नहीं चल सकता.