अहमदाबाद. 2002 के गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल खड़े करने वाले 1988 बैच के आईपीएस संजीव भट्ट को केंद्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया है. अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त किए गए भट्ट को उनके बेटे शांतनु भट्ट ने लंदन से अपने पिता के समर्थन में एक चिट्ठी भेजी है.
 
चिट्ठी को भट्ट ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है. शांतनु ने अपने पिता के समर्थन में लिखा है कि मैं आपके उपर गर्व महसूस करता हूं क्योंकि आपने एक बेहद  खतरनाक सिस्टम के खिलाफ अपनी पूरी ताकत लगाकर बहुत मुश्किल लड़ाई लड़ने का जोखिम उठाया.
 
शांतनु ने अपने पिता को याद दिलाते हुए लिखा है कि आज भी आपके अंदर वही हिम्मत, वही निडरता है जो आज से 27 साल पहले उस समय थी जब आपने भारतीय पुलिस सेवा में एक अधिकारी के तौर पर कदम रखा था.
 
 
 शांतनु ने नौकरी से मुक्त होने पर अपने पिता को बधाई दी है और कहा है कि  मैं दुश्मनों की तरह बर्ताव करने वाली इस सरकार से आजाद होने के लिए आपको बधाई देना चाहता हूं. लंदन में रहने वाले शांतनु ने लिखा है कि यह सरकार ऐसी है जो अपने खिलाफ बोलने वाले हर इंसान को तोड़ना चाहती है.
 
जो भी सच के लिए खड़ा होता है उससे यह सरकार दुश्मनी निकालने की कोशिश करती है. एक परिवार के तौर पर हम हमेशा आपके साथ खड़े रहे. आपका समर्थन करते रहे और हम आगे भी हमेशा ऐसा करते रहेंगे. फेसबुक पेज पर इस पोस्ट को 5000 लोगों ने शेयर किया है और 12 हजार से भी ज्यादा लोगों ने लाइक किया है.