नई दिल्ली. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने सहारा इंडिया कंपनी की संपत्तियां नीलाम करने के लिए रिसीवर नियुक्त करने की अपील सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है ताकि सहारा की देश और विदेश की संपत्ति को बेचकर पैसे जुटाए जा सकें और कोर्ट के आदेश के अनुसार निवेशकों के 36000 करोड़ रुपए लौटाए जा सकें.

सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से ये भी दरख्वास्त किया है कि सुप्रीम कोर्ट के अलावा देश की कोई भी अदालत सहारा की संपत्ति की नीलामी के मामलों के खिलाफ किसी याचिका की सुनवाई न करे. सेबी को आशंका है कि सहारा इंडिया कंपनी की तरफ से नीलामी की प्रक्रिया के खिलाफ कोर्ट में अड़ंगा लगाया जा सकता है.

जमानत के लिए दस हजार करोड़ भी नहीं जुटा पाए सुब्रत रॉय

सहारा इंडिया कंपनी के चेयरमैन सुब्रत रॉय कई महीनों से जेल में हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 10 हजार करोड़ रुपए जमा करके जमानत लेने की शर्त रखी थी लेकिन सुब्रत रॉय अब तक इस पैसे का भी इंतजाम नहीं कर सके हैं. सेबी का कहना है कि सहारा की मंशा नहीं है कि वो निवेशकों का पैसा लौटाए इसलिए पैसे का इंतजाम नहीं कर रही है.

सेबी ने सहारा की संपत्तियों की नीलामी का काम सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बी.एन.अग्रवाल की निगरानी में करवाने की अपील भी की है. सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त, 2012 को जब सहारा इंडिया कंपनी को पैसे लौटाने का आदेश दिया था तब जस्टिस अग्रवाल को ही इस काम की निगरानी सौंपी थी.