अहमदाबाद. 2002 के गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल खड़े करने वाले 1988 बैच के आईपीएस संजीव भट्ट को केंद्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया है. भट्ट को अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त किया गया है. 
 
सरकारी सूत्रों के मुताबिक संजीव भट्ट की पोस्टिंग जूनागढ़ में की गई थी लेकिन काफी वक्त बीतने के बात भी उन्होंने वहां चार्ज नहीं लिया. जूनागढ़ में पोस्टिंग आदेश के बावजूद वो अहमदाबाद में रहे और वहीं सरकारी गाड़ी के साथ-साथ कमांडोज की सेवा लेते रहे. सरकारी सूत्रों का कहना है कि बार-बार नोटिस के बावजूद भट्ट सुधरे नहीं इसलिए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है.
 
संजीव भट्ट ने बर्खास्तगी की सूचना मिलने की बात कबूल कर ली है लेकिन फिलहाल कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है. कुछ दिन पहले भट्ट के सेक्स वीडियो का भी एक मामला सामने आया था जिस पर सरकार ने उनसे जवाब मांगा है. 
 
जिस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, भट्ट ने उन्हें दंगे का आरोपी बताया था. भट्ट के मुताबिक वह उस मीटिंग में मौजूद थे जिसमें मोदी ने कथित तौर पर कहा था कि हिंदुओं को बदला लेने का मौका देना चाहिए.