नई दिल्ली : भारतीय विदेश मंत्रालय ने इराक में लापता 39 भारतीयों की तलाश के लिए उनके परिजनों से डीएनए सैंपल जुटाए हैं. बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय की तरफ से पंजाब को मिली एक चिट्ठी के बाद डीएनए सैंपल इकठ्ठा किए गए हैं. जिससे लापता नागरिकों को इराकी सेना को ढूंढने में आसानी होगी और जल्दी ही पता लगा लिया जाएगा. जानकारी के अनुसार सैंपल जुटाने का काम अमृतसर और गुरदासपुर जिलों के सरकारी अस्पताल में हुआ. इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं बताया जा रहा है लेकिन माना जा रहा है कि सैंपल जुटाने की प्रक्रिया केंद्रीय विदेश मंत्रालय के निर्देश पर हुई है. शुक्रवार रात को पीड़ित परिवारों को पुलिस की तरफ से दी गई सूचना के बाद से सैंपल जुटाने का काम शुरू हुआ. परिजनों से अस्पताल पहुंचकर सैंपल देने को कहा गया. इस पर अमृतसर जिले के आठ और गुरदासपुर जिले के तीन परिवार के लोग शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचे. इधर, बटाला में भी तीन परिवारों के सैंपल जुटाए गए. 
 
पंजाब में भी लापता होने वाले लोगों में से तीन के परिवार बटाला में रहते हैं. सरकार ने किन्ही कारणों से सभी लापता नागरिकों से डीएनए परीक्षण कराने के लिए कहा है. वहीं, परीक्षण करवाने के लिए आए परिवारों को कुछ समझ नहीं आ रहा है. वो नहीं जान पा रहे हैं कि ये टेस्ट क्यों करवाया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार के पास इन युवाओं के जीवित होने के कोई सबूत नहीं हैं. सरकार सच जानने के लिए लगातार इराक सरकार के संपर्क में है. इराक ने मोसुल को आईएस के कब्जे से मुक्त कराने के बाद पूरे इलाके की पड़ताल की है. कई जगहों पर उन्हें बिना पहचान वाली लाशें और कुछ शरीर के अवशेष मिले हैं. इराक सरकार भारत से भेजे गए डीएनए की जांच से इन अवशेषों का मिलान करेगी.
  
इस मामले में उस वक्त विवाद खड़ा हो गया था जब इराक से जानकारी मिली कि उस जेल परिसर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया था जिसमे युवाओं को कैद करने का दावा किया जा रहा था. विपक्ष ने संसद में सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाया था. केंद्र सरकार के आदेश के बाद पंजाब के 14 परिवारों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं. इनमें अमृतसर के आठ, गुरदासपुर और बटाला के तीन-तीन परिवार शामिल हैं.
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