नई दिल्ली. बैंक खातों से आधार कार्ड को जोड़ने पर पहले सरकार, फिर बैंक और अब रिजर्व बैंक ने एक-एक करके साफ कर दिया है कि जो लोग 31 दिसंबर, 2017 तक बैंकों में अपने खाते से अपना आधार नंबर नहीं जोड़ेंगे, उनके खाते को हैप्पी न्यू ईयर कहने का मौका नहीं मिलेगा. ऐसे सारे खाते 31 दिसंबर, 2017 के बाद यानी नए साल 2018 की पहली तारीख से खाते में रुपए होने के बावजूद लेन-देन से वंचित हो जाएंगे. जब तक आधार कार्ड और खाते का मेल-मिलाप ना हो जाए तब तक ऐसे खाते के मालिक अपना पैसा ना निकाल सकेंगे और ना ही किसी को ऑनलाइन भेज सकेंगे. लेकिन सरकार ने इस कड़े नियम से एक खास तरह के खाता वालों को छूट दी है और वो हैं छोटे खाता. सरकार इस नियम से जिन छोटे खाते को छूट देगी, वो छोटे खाता असल में सरकार की नजर में क्या हैं, ये हम आपको बता रहे हैं.
 
सरकार और बैंकों की नजर में छोटे खातों की श्रेणी में ऐसे बैंक एकाउंट आएंगे जिस खाते में पूरे साल में ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपए तक जमा हुआ हो. मतलब पूरे साल उस खाते में जमा की गई कुल रकम 1 लाख से ज्यादा ना हो. छोटे खाते की श्रेणी में आने वाले ऐसे खातों में किसी भी महीने कुल निकासी 10 हजार रुपए से ज्यादा की ना हो जिसमें नकद निकासी, एटीएम निकासी और किसी और के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर भी शामिल है. छोटे खातों की श्रेणी में आने वाले खातों के लिए तीसरी शर्त है कि उनके खाते में जमा रकम का कुल योग कभी भी 50 हजार से ऊपर ना जाता हो.
 
छोटा खाता मतलब एक लाख सालाना जमा, 10 हजार मासिक खर्च और बैलेंस 50 हजार से ऊपर नहीं 
 
अब अगर आप ऐसे खाते के मालिक हैं जिनके खाते में कभी 50 हजार से ज्यादा बैलेंस ना गया हो, जो महीने में खाते से 10 हजार से ज्यादा खर्च नहीं करते हों और पूरे साल उनके खाते में 1 लाख रुपए से ज्यादा ना आता हो तो 31 दिसंबर के बाद भी आप मौज में रह सकते हैं. इनके अलावा बाकी तमाम तरह के खाते वाले अगर 31 दिसंबर तक आधार नंबर को खाता में नहीं डालते हैं तो हैप्पी न्यू ईयर कहने लायक नहीं रह जाएंगे क्योंकि बैंक वाले उनके खाते से लेन-देन 1 जनवरी, 2018 से रोक लेंगे.
 
सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में भी कुछ खबरें आईं कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगे गए सवालों के ऐसा जवाब दिया है जिससे भ्रम पैदा हो गया है कि 31 दिसंबर तक बैंक खाते से आधार को जोड़ना अनिवार्य है या नहीं. इस पर भारतीय रिजर्व बैंक ने शनिवार को एक बयान जारी करके साफ-साफ कह दिया कि सरकारी गजट में ये नियम आ चुका है और बैंकों को इस नियम का पालन करना ही होगा. मतलब साफ है कि बैंक वाले मोबाइल पर बैंक खाते को आधार से जोड़ने का जो चेतावनी भरा संदेश भेज रहे हैं, उसे गंभीरता से लें और फौरन अपने खाते से आधार नंबर को जोड़ लें नहीं तो 1 जनवरी, 2018 के बाद बैंक खाता औऱ खाते में रुपया रहते भी आप उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. रिजर्व बैंक ने अपने बयान में क्या कहा है, वो जानने के लिए ये खबर पढ़ें…