लखनऊः प्यार के प्रतीक ऐतिहासिक ताजमहल पर मचे घमासान के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को आगरा जा रहे हैं. अपने आगरा दौरे में वह ताजमहल देखने भी जाएंगे. योगी आदित्यनाथ आगरा में पर्यटन विभाग के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जिला प्रशासन की योजनाओं की भी समीक्षा करेंगे. सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ का यह पहला आगरा दौरा होगा. योगी का यह आगरा दौरा सियासी डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है. सरधना से बीजेपी विधायक संगीत सोम के विवादित बयान के बाद मचे घमासान से योगी सरकार ने किनारा कर लिया था.
 
ताज महल विवाद पर मंगलवार को योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले को खत्म करने का प्रयास किया. सीएम ने कहा, ‘हमारे लिए ये मायने नहीं रखता कि ताजमहल को किसने और क्यों बनवाया. ताज महल भारत के मजदूरों के खून और पसीने से बना है. हमारे लिए ये महत्वपूर्ण है. भारतीयों के खून-पसीने से बने हर एक स्मारक का संरक्षण किया जाएगा. पर्यटन के लिहाज से ताजमहल हमारी प्राथमिकता में है और पर्यटकों को सुविधाएं एवं सुरक्षा मुहैया कराना हमारी जिम्मेदारी है. सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर फ्रंट का भी विकास करेगी.’
 
ताजमहल को लेकर योगी सरकार पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में बनी हुई है. हाल ही में योगी सरकार ने ताजमहल को यूपी की सांस्कृतिक विरासत लिस्ट में शुमार नहीं किया था. जिसके बाद रविवार को बीजेपी विधायक संगीत सोम के विवादित बयान ने इस आग में घी का काम किया. संगीत सोम ने कहा, गद्दारों द्वारा बनाए गए ताजमहल को इतिहास में जगह नहीं मिलनी चाहिए. ताजमहल भारतीय संस्कृति पर एक धब्बा है. सोम के इस बयान के बाद राजनीति तेज हो गई. हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा था, लाल किला, हैदराबाद हाउस भी उन्हीं गद्दारों ने बनाया था. तो क्या अब पीएम मोदी लाल किले से झंडा फहराना छोड़ देंगे? क्या अब विदेशी मेहमानों के साथ पीएम हैदराबाद हाउस में नहीं मिलेंगे?
 
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, सपा नेता और यूपी के पूर्व मंत्री आजम खां समेत कई बड़े नेताओं ने सोम के इस बयान की निंदा करते हुए बीजेपी सरकार पर हमला किया. ममता ने कहा कि उन्हें इस बयान पर बोलते हुए शर्म महसूस हो रही है. वो दिन दूर नहीं जब बीजेपी देश का नाम बदलने की भी कोशिश करेगी. सलमान खुर्शीद ने कहा, ताजमहल जैसी ऐतिहासिक धरोहर को सोम जैसे विधायकों के समर्थन की जरूरत नहीं है. आजम खां ने मंगलवार को संगीत सोम के विवादित बयान पर कहा, ताजमहल ही क्यों संसद, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार और लाल किला भी गुलामी की निशानी है, इन्हें भी मिटा देना चाहिए.