पटना: 14 अक्टूबर यानी शनिवार को हो रहे पटना यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करीब हजार लोगों को यूनिवर्सिटी की तरफ से आमंत्रण पत्र भेजा गया है. साथ ही यूनिवर्सिटी के कुलपति ने बीजेपी के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के इस आरोपों को गलत बताया है कि उन्हें निमंत्रण नही मिला है. कुलपति रासबिहारी सिंह ने कहा है कि निमंत्रण के लिए दोनो को मेल के साथ-साथ कार्ड भी भेजा गया है. चूंकि कार्ड विलंब से प्रकाशित हुआ है इसलिए पहुंचने में देर हुआ होगा.
 
बता दें कि शत्रुघ्न के तल्ख बयानों के चलते पार्टी के कुछ नेता उनसे नाराज हैं. उनकी इमेज ऐसी है कि वह अपनी ही पार्टी की आलोचना के लिए जाने जाते हैं. वहीं यशवंत सिन्हा के जीएसटी, नोटबंजी और अर्थव्यवस्था को लेकर पार्टी से मतभेद पिछले दिनों खुलकर सामने आए थे. पटना यूनिवर्सिटी ने अपने तमाम एलुम्नाई नीतीश कुमार, सुशील मोदी, रामविलास पासवान, यशवंत सिन्हा, रविशंकर प्रसाद और लालू यादव समेत ये सारे दिग्गज इसी यूनिवर्सिटी के छात्र रह चुके हैं और ये सभी इस समारोह में शिरकत करते नजर आ सकते हैं. 14 अक्टूबर को पटना यूनिवर्सिटी का नजार कुछ अलग ही रहेगा. इस दिन पटना का मंच एक अलग तरह के राजनीतिक दृश्य का गवाह बनेगा. इस कार्यक्रम की खास बात ये है कि इस कार्यक्रम में एंट्री लेना इतना आसान नहीं होगा. क्योंकि इस समारोह में एंट्री लेने के लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य है. 
 

बताया जा रहा है कि प्रशासन की ओर से ऐसी व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से की गई है. ऐसी उम्मीदें की जा रही है कि इस राजनीतिक दृश्य को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ सकती है. इसी वजह से लोगों की भीड़ को कंट्रोल किया जा सके इसलिए आधार कार्ड जैसी व्यवस्था को प्रशासन की ओर से अपनाया गया है. बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी मोकाम के लिए रवाना होंगे. पीएम मोदी मोकामा टाल जाएंगे. मोकामा टाल में प्रधानमंत्री एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे और कई योजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे. बता दें कि मोकामा का टाल एरिया जिसे मोकामा-बड़हिया टाल भी कहते हैं वो दाल की पैदावार का बहुत बड़ा इलाका है.
 

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