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दिवाली पर पटाखें जलाना देश की परंपरा और धर्म का हिस्सा, इंडिया कलेक्टिव ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

दिवाली पर पटाखें जलाना देश की परंपरा और धर्म का हिस्सा, इंडिया कलेक्टिव ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

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  • Updated
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  • Thursday, October 12, 2017 - 21:49
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दिवाली पर पटाखें जलाना देश की परंपरा और धर्म का हिस्सा, इंडिया कलेक्टिव ने सुप्रीम कोर्ट से कहाIndia Collective says to Supreme Court firecrackers Burning on Diwali is tradition and religion of the country Thursday, October 12, 2017 - 21:49+05:30
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर लगी रोक के बाद मचे घमासान के बीच इंडिया कलेक्टिव नामक एक संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि दिवाली पर पटाखें जलाना देश की परंपरा और धर्म का हिस्सा है. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में 31 अक्टूबर तक पटाखों की बिक्री पर पाबंदी के आदेश में बदलाव किया जाए.
 
इंडिया कलेक्टिव संस्था ने अपनी याचिका में कहा कि पिछले 700 सालों से दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे भारत में दिवाली में पटाखे चलाने का प्रचलन चला आ रहा है. दिल्ली-एनसीआर में देश के अलग-अलग हिस्से के लोग रहते हैं और देश में हर जगह दीपावली पटाखों के साथ मनाई जाती है. 
 
याचिका में ये भी कहा कि दिल्ली में दक्षिण भारतीय भी बड़ी संख्या में रहते हैं, याचिका में कहा गया है कि दक्षिण भारतीय नरकासुर पर भगवान कृष्ण द्वारा विजयी पाने की खुशी में दिवाली का त्योहार मनाते हैं और खुशी में पटाखे चलाते हैं, तो वही उत्तर भारतीय भगवान श्री राम के अयोध्या आगमन के लिए. 
 
इंडिया कलेक्टिव संस्था ने अपनी अर्जी में कहा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि दिल्ली में अन्य शहरों के मुकाबले अधिक वायु प्रदूषण है. इसकी वजह बड़ी संख्या में वाहन का होना भी है. याचिका में कहा गया कि वायु प्रदूषण के साथ-साथ भारतीय परंपरा और सभ्यता का संतुलन होना चाहिए. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के मौके पर पटाखे चलाने की इजाजत दी जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट में संस्था ने इस मामले में खुद को पक्ष बनाने की मांग की है. कोर्ट शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करेगा.
 
बता दें कि इस संस्था ने अपनी याचिका में पटाखों पर लगी रोक को हटाने की मांग की है. याचिका में ये भी भी मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट 12 सितम्बर के आदेश को फिर से लागू करे, जिसमें कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सशर्त पटाखे को बेचेने का आदेश दिया था.
 
 
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First Published | Thursday, October 12, 2017 - 21:48
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