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शहीदों के लिए ताबूत तक नहीं, 18 साल से ताबूत और बैगपैक के इंतजार में सेना

शहीदों के लिए ताबूत तक नहीं, 18 साल से ताबूत और बैगपैक के इंतजार में सेना

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  • Updated
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  • Thursday, October 12, 2017 - 19:53
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Indian Army did not Get Coffin and bagpack since 18 Years

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शहीदों के लिए ताबूत तक नहीं, 18 साल से ताबूत और बैगपैक के इंतजार में सेनाIndian Army did not Get Coffin and bagpack since 18 YearsThursday, October 12, 2017 - 19:53+05:30
नई दिल्ली. हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में एयरफोर्स के MI 17 हेलीकॉप्टर क्रैश में मारे गये सात जवानों के शवों को गत्ते और पन्नियों में पैक किये जाने को लेकर काफी विवाद हुआ था, मगर आपको जानकर हैरानी होकी कि पिछले 18 साल से भी अधिक समय से शहीद जवानों के शवों को ले जाने के लिए अभी तक सेना को ना ही ताबूत मिले है और ना ही बैगपैक. 
 
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 1999 में ऑपरेशन विजय के बाद पहली बार सेना में ताबूत और बैगपैक के लिए अधिकारिक रूप से इनकी जरूरत की मांग उठी थी. जिसके बाद 2 अगस्त 1999 में रक्षा मंत्रालय ने पहली बार इसका कॉन्ट्रैक्ट साइन किया,  जिसमें करीब 900 बैगपैक की और 150 ताबूत की ज़रूरत थी. उस वक्त 18 किलो वजन के ताबूत की मांग की गई थी. 
 
मगर जब इसकी ताबूत की पूर्ती की गई तो इसका वजन 55 किलोग्राम था. इसके बाद इसके बाद इस ताबूत की सीबीआई जांच शुरू हुई और इसके बाद इस कॉन्ट्रेक्ट को रोक दिया गया और फिर 2001 में इस कॉन्ट्रेक्ट को कैन्सिल कर दिया गया.
   
हालांकि, साल 2013 में सीबीआई ने इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन अब तक आर्मी को एक भी ताबूत या बैगपैक नहीं मिल पाया है. इसके पीछे एक और वजह ये बताई गई कि इस मामले में एक ऑडिटर ने आवेदन फाइल की थी ये पता लगाने के लिए कि जब भारत को ये ताबूत और बैगपैक दिए गए तो अमेरिका को उस समय ये किस क़ीमत पर दिए गए थे. 
 
बता दें कि मार्च 2017 में कोर्ट ने आदेश दिया था की आर्मी इन सभी ताबूतों और बैगपैक को ले जा सकती है, लेकिन ऑडिटर के नए आवेदन के बाद एक बार फिर रोक लग गयी. 
 
बता दें कि पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश में भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्‍टर MI-17 V5 क्रैश हो गया, जो आम तौर पर वीवीआईपी के लिए इस्तेमाल होता था. बतौर रक्षा मंत्री पहली बार अरुणाचल प्रदेश दौरे पर जा रहीं निर्मला सीतारमन इसी हेलिकॉप्टर से वहां सफर करने वाली थी. मगर भारतीय वायुसेना का ये विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ. इस विमान में 7 लोग मौजूद थे. जिनमें सभी की मौत हो गई थी. 
 
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First Published | Thursday, October 12, 2017 - 19:53
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