इलाहाबाद: नोएडा के चर्चित आरुषि मर्डर केस में उसके माता-पिता डॉक्टर राजेश तलवार और नूपुर तलवार को बड़ी राहत मिली है, हाईकोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरुषि तलवार के माता-पिता को संदेह का लाभ दिया और दोनों को मिली उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया है. बता दें कि गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट ने आरुषि की हत्या में उसके माता-पिता को दोषी मानते हुए उम्रकैद सुनाई थी. दोनों डासना जेल में बंद हैं. सीबीआई कोर्ट के फैसले को तलवार दंपति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. आज हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि माता-पिता ने आरुषि को नहीं मारा.
 
अब आगे क्या हो सकता है…
इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से ये तो साफ हो गया कि आरुषि को उसके माता-पिता ने नहीं मारा. ऐसे में ये सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर आरुषि की हत्या किसने की. आरुषि-हेमराज मर्डर केस में आगे ये हो सकता है कि सीबीआई ने जो जांच की है, अब उस पर एक कमेटी बनाकर जांच की जा सकती है. सीबीआई सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है क्योंकि जिसके खिलाफ फैसला आया है, वह सुप्रीम कोर्ट जा सकता है.
 
चार साल से जेल में बंद आरुषि के माता-पिता री-ट्रायल की मांग कर सकते हैं क्योंकि अब तक उनके खिलाफ ही ट्रायल चला है. वह री-इन्वेस्टिगेशन की भी मांग कर सकते हैं. ये उनके अधिकार क्षेत्र में है कि क्या अब वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. क्योंकि तलवार दंपति कह रहे हैं कि अब उनको इंसाफ मिला है, लेकिन आरुषि को अभी तक इंसाफ नहीं मिला. अभी तक कोई नहीं जान पाया है कि आरुषि-हेमराज का हत्यारा कौन है. अब आगे देखना ये होगा कि आरुषि के इंसाफ के लिए सीबीआई आगे बढ़ती है या तलवार दपंति.

 
रात भर नहीं सोए थे तलवार दंपति
जस्टिस बीके नारायण और रविंद्र कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरुषि की हत्या का आरोप तलवार दंपत्ति पर साबित नहीं होता. दोनों जजों की खंडपीठ ने कहा कि तलवार दंपति के खिलाफ सबूत नहीं हैं इसलिए उन पर लगे सारे आरोप खारिज किए जाते हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट से आए फैसले को सुनते ही जेल में बंद तलवार दंपति भावुक हो गए. फैसले के इंतजार में कल रात भर दोनों सोए नहीं थे. हाईकोर्ट से बरी किए जाने का फैसला आते ही नूपुर तलवार जेल में ही रो पड़ीं. उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से हमें न्याय मिला है. 

गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट ने 26 नवंबर 2013 को तलवार दंपति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, तब से दोनों जेल में हैं. बरी होने के बाद शुक्रवार को दोनों जेल से रिहा हो सकते हैं. बता दें कि मई 2008 में नोएडा के सेक्टर 25 स्थित घर में आरुषि की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. घर के नौकर हेमराज का भी कत्ल कर दिया गया था. बता दें कि 16 मई 2008 को नोएडा के जलवायू विहार के एल-32 फ्लैट में आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या हुई थी. आरुषि तलवार की गला काटकर हत्या की गई थी. 
 
शुरूआती जांच में शक की सुई नौकर हेमराज पर गई लेकिन नोएडा पुलिस ने जब घर की जांच की तो नौकर हेमराज का शव घर की छत पर मिला. बाद में जांच के दौरान शक की सुई आरुषि के माता-पिता पर गई और जब सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई तो पूरा देश ये सोचकर ही दंग रह गया कि माता-पिता अपनी इकलौती बेटी का इस बेरहमी से कत्ल कैसे कर सकते हैं ?
 
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