नई दिल्लीः हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, चुनाव आयोग ने इस साल हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. हिमाचल में एक चरण में 9 नवंबर को वोटिंग होगी और 18 दिसंबर को वोटों की गिनती की जाएगी. चुनाव की तारीख का ऐलान करते ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है. इस चुनाव की खास बात यह है कि देश में पहली बार किसी राज्य की सभी सीटों पर VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा. बता दें कि हिमाचल में विधानसभा की कुल 68 सीटें हैं. वर्तमान में सूबे में कांग्रेस की सरकार है. कांग्रेस की राज्य में कुल 36 सीटें हैं. हिमाचल प्रदेश के मौजूदा सीएम वीरभद्र सिंह 6 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ऐसा माना जा रहा था कि चुनाव आयोग गुरुवार को गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान एक साथ करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
 
सीएम वीरभद्र सिंह शिमला ग्रामीण क्षेत्र से विधायक हैं. राज्य में सरकार बनाने के लिए 35 सीटें जीतना जरूरी है. बीजेपी के प्रेम कुमार धूमल विपक्ष के सबसे बड़े नेता हैं. हिमाचल प्रदेश में बीजेपी सत्ता में आने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है. इस बार चुनाव में सभी सीटों पर VVPAT मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा. VVPAT की पर्ची को वोटर सात सेकेंड तक देख सकता है. 7 सेकेंड के बाद पर्ची ईवीएम बॉक्स के नीचे चली जाएगी. VVPAT पर्ची से वोटर इस बात की तस्दीक कर सकेगा कि उसने जिस पार्टी को वोट दिया है, वोट उसी को गया है.
 
चुनाव के लिए नामांकन की तारीख 16 से 23 अक्टूबर तय की गई है. हर उम्मीदवार के खर्च की सीमा 28 लाख रुपये होगी. चुनाव में फोटो वोटर आईडी कार्ड का इस्तेमाल होगा. हिमाचल में 24 लाख 98 हजार 173 जहां पुरूष मतदाता हैं, वहीं महिला वोटरों की संख्या 24 लाख 7 हजार 492 है. एक चरण में होने वाले चुनाव के लिए 7521 पोलिंग स्टेशन तैयार किए जाएंगे. चुनाव में बुजुर्गों के लिए बूथ पर व्हील चेयर का इंतजाम किया जाएगा. इस बार चुनाव आयोग वोटिंग, नामांकन, रैली और जुलूस की वीडियोग्राफी कराएगा. सभी काउंटिंग हॉल की भी वीडियोग्राफी कराई जाएगी.
 
वोटों की गिनती के साथ-साथ इस बार VVPAT पर्चियों की भी गिनती होगी. 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 36 सीटें मिली थीं. 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 26 और अन्य को 6 सीटें मिली थीं. हिमाचल में लोकसभा की कुल चार सीटें हैं. 2014 लोकसभा चुनाव में चारों सीटों पर बीजेपी जीती थीं. दिसंबर में होने वाले चुनाव में कांग्रेस ने जहां वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को फिर से मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित कर दिया है, वहीं बीजेपी यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही लड़ेगी. माना जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को इस चुनाव में बड़ी भूमिका दी जा सकती है.
 
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 ईवीएम पर उठे विवाद के बाद ऐसा पहला चुनाव होगा जिसमें पूरी तरह हर VVPAT का इस्तेमाल होगा. चुनाव आयोग ने 9 नवंबर को हिमाचल में वोटिंग के करीब 1 महीने से ज्यादा का वक्त मतगणना के लिए रखा है जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि गुजरात का चुनाव भी 18 दिसंबर से पहले निपटा लिया जाएगा और उसके नतीजे भी हिमाचल के साथ आएंगे.