लखनऊ : नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में आरोपी दंपती डा. राजेश तलवार और नुपुर तलवार की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट 12 अक्टूबर को फैसला सुनाएगा. आरोपी तलवार दंपती ने सीबीआइ कोर्ट गाजियाबाद की ओर से आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील दाखिल की है, जिस पर कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. इस मामले पर न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र की खंडपीठ दोपहर में फैसला सुनाएगी. बता दें कि डा. तलवार की नाबालिग पुत्री आरुषि की हत्या 15-16 मई 2008 की रात नोएडा के सेक्टर 25 स्थित घर में ही कर दी गई थी. इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने मां-बाप को ही दोषी मानते हुए 26 नवंबर, 2013 को राजेश और नुपुर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
 
आइये जानते है कि इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में कब-कब क्या-क्या हुआ है. 
 
2008
16 मई- आरुषि तलवार का शव उसके जल वायु विहार नोएडा स्थित घर के बेडरूम में खून से लथपथ मिला था. तलवार दंपत्ति का नेपाली नौकर गायब था. जिसके बाद हत्या के शक की सुई नौकर पर गई. 
17 मई- डॉक्टर तलवार के घर की छत पर नौकर हेमराज का टुकड़ों में बंटा शव मिला.
18 मई- पुलिस ने आरुषि की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ने यौन उत्पीड़न को अस्वीकार कर दिया, साथ ही कहा कि दोनों की हत्या धारदार डॉक्टरी में काम आने वाले यंत्रों से की गई है. साथ ही पुलिस ने कहा कि हत्यारा तलवार दंपत्ति का कोई नजदीकी ही है.
19 मई- अब पुलिस ने तलवार दंपत्ति के पुराने नेपाली नौकर विष्णु शर्मा को आरोपी माना. 
21 मई- दिल्ली पुलिस ने हत्या की जांच के बाद कहा कि हत्या किसी डॉक्टर या कसाई के द्वारा की गई है.  
22 मई- पुलिस ने इसे ऑनर किलिंग का मामला मानते हुए आरुषि के करीबी दोस्त से पूछताछ की और पुलिस का संदोह आरुषि के माता-पिता की ओर हो गया.
23 मई- आरुषि के पिता डॉ राजेश तलवार को दो हत्याओं के लिए गिरफ्तार किया गया.
1 जून- सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरु की.
19 जून- डॉ राजेश तलवार की न्यायिक हिरासत 2 जुलाई 2008 तक बढाई गई. 
20 जून- राजेश तलवार का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया गया.
25 जून- नुपूर तलवार लाई डिटेक्टर टेस्ट किया गया.
26 जून- सीबीआई ने मामले को “ब्लाइंड केस” घोषित कर दिया. गाजियाबाद के विशेष मजिस्ट्रेट ने राजेश तलवार को जमानत की अनुमति नहीं दी.
12 जुलाई- गाजियाबाद की अदालत ने राजेश तलवार को जमानत दे दी क्योंकि सीबीआई साक्ष्य देने में विफल रही.
2010
5 जनवरी- सीबीआई ने तलवार दंपति के नारको टेस्ट के लिए कोर्ट में अर्जी दी. 
2 9 दिसंबर: सीबीआई ने केस क्लोजर रिपोर्ट पेश की, नौकरों को क्लीन चिट दी गई. जबकि तलवार दंपत्ति संदेह के घेरे में थे.
2011
25 जनवरी- राजेश तलवार पर गाजियाबाद अदालत में पेशी के दौरान हमला.
9 फरवरी- कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट का संज्ञान लिया, आरुषि के माता-पिता पर हत्या और हत्या के सबूत मिटाने का आरोप लगा. 
19 मार्च- तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट में अपने ट्रायल के खिलाफ याचिका दाखिल की.  
2012
6 जनवरी- सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपत्ति की याचिका को खारिज कर दिया और मुकदमा आगे बढ़ने की अनुमति दी.
30 अप्रैल- राजेश तलवार की पत्नी, नुपूर तलवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
25 मई- गाजियाबाद अदालत ने हत्या, षड्यंत्र और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप तलवार दंपत्ति पर लगाये.
2013
अप्रैल: सीबीआई ने अदालत से कहा कि राजेश और नुपूर तलवार ने आरुषि और हेमराज की हत्या की. सीबीआई ने तलवार दंपत्ति ने आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था.
10 अक्टूबर- मामले में अंतिम बहस शुरू हुई.
18 अक्टूबर- बहस के दौरान सीबीआई ने कहा कि दंपति ने जांचकर्ताओं को गुमराह किय़ा है. 
25 नवंबर- विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए तलवार दंपति को गाजियाबाद के डासना जेल भेज दिया गया.
26 नवंबर- सीबीआई अदालत ने तलवार दंपत्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. 
2016
5 सितंबर: नूपुर तलवार को तीन हफ्तों के लिए पैरोल पर रिहा किया गया था क्योंकि उनकी बीमार मां को चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता थी.