नई दिल्ली : आज शाम चार बजे गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा. चुनाव आयोग ने शाम चार बजे प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई है. बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल नवम्बर में और गुजरात का जनवरी 2018 में पूरा होगा. इन दोनों राज्यों में चुनावी हलचलें तेज हो चुकी हैं. वैसे दोनों ही राज्यों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही मुख्य मुकाबला होने जा रहा है. इससे पहले चुनाव आयोग ने संकेत दिए थे कि गुजरात चुनाव दिसम्बर में हो सकते हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एके ज्योति के अनुसार गुजरात में 50 हजार से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदाता मतदान सत्यापन पर्ची (VVPAT) प्रणाली का प्रयोग होगा. वहीं हिमाचल में भी VVPAT का इस्तेमाल किया जा सकता है. सूत्रों के अनुसार दोनों राज्यों में दो चरणों में चुनाव हो सकते हैं.
 
मंगलवार को इसके बारे में बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ए के ज्योति ने संकेत दिया है कि दिसंबर में गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं. दोनों राज्यों में वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा, यानि इस बार विधानसभा चुनावों में विवादों में रही ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा. चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग की एक टीम जल्द ही दोनों राज्यों का दौरा करेगी. बता दें कि दोनों राज्य सरकारों का कार्यकाल जनवरी में पूरा हो रहा है. इससे पहले सोमवार को चुनाव आयुक्त ने भाजपा, कांग्रेस सहित विविध राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुनाव सुधार संबंधी सुझाव मांगे थे. भाजपा ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण 14 दिसंबर के बाद विधानसभा चुनाव कराने की मांग रखी. जबकि कांग्रेस ने संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने व वीवीपैट के 10 फीसद वोट गिनकर ही परिणाम घोषित करने की मांग रखी थी.  
 
दोनों राज्य सरकारों ने चुनाव के लिए तैयारियां शुरु कर दी हैं. हिमाचल में दिसंबर में होने वाले चुनाव में कांग्रेस ने जहां वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को फिर से मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित कर दिया है, वहीं बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी. लगभग 70 लाख की जनसंख्या वाले इस खूबसूरत राज्य में चुनाव की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है. हिमाचल में 24 लाख 98 हजार 173 जहां पुरूष मतदाता हैं वहीं 24 लाख 7 हजार 492 महिला मतदाताओं की संख्या है. वहीं गुजरात में 4.33 करोड मतदाता है जिनमें से 2.25 करोड अथवा करीब 52 प्रतिशत पुरूष तथा 2.07 करोड अथवा करीब 48 प्रतिशत महिलाएं हैं. इनमें से 10.46 लाख नये वोटर हैं जिनमें से 3.21 लाख पहली बार मतदाता बने हैं.
 
मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोति ने कहा कि गुजरात में 50 हजार से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदाता वीवीपीएटी प्रणाली का प्रयोग होगा. इस प्रणाली का पहली बार इस्तेमाल इस साल गोवा चुनावों में किया गया था. उन्होंने कहा कि सभी 182 सीटों के एक-एक बूथ पर मतदान सत्यापन पर्ची की गणना की जाएगी, ताकि पर्चियों की संख्या और डाले गए मतों का आपस में मिलान किया जा सके. पहली बार चुनाव आयोग गुजरात के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वमहिला मतदान केंद्र शुरू करेगा.