नई दिल्ली. महाराष्ट्र की ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे अपने एक कर्मचारी से चप्पलें उठवाने के बाद एक बार फिर से विवादों में घिर गई हैं. पंकजा अपने प्रदेश के सूखाग्रस्त इलाकों के दौरे पर गईं थीं, उसी दौरान उनके कर्मचारी ने उनकी चप्पलें उठाईं. विवादों में घिरने के बाद पंकजा ने अपना बचाव करते हुए कहा, ‘चप्पल उठाने वाला व्यक्ति कोई सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि उनका निजी कर्मचारी था.’
 
 
दरअसल पंकजा ने प्रदेश के परभानी जिले के सोनपेठ के दौरे के दौरान कीचड और फिसलने वाली जगह देखकर अपनी चप्पलें उतार दी. वह नंगे पांव आगे बढ़ गईं और पीछे एक व्यक्ति उनकी चप्पलें लेकर चल रहा था. इस खबर के उजागर होने के बाद आगबबूला होते हुए पंकजा ने कहा, ‘मीडिया ने देखा कि मैंने चप्पल उतारी, और मेरे कर्मचारी ने उठाया. लेकिन मीडिया को यह नहीं दिखा कि नंगे पांव चलने में मुझे कितनी तकलीफ हुई? फिसलन भरी सड़क देखकर मैंने सामान्य रूप से अपनी चप्पल उतार दी और आगे बढ़ गईं. मुझे तो पता भी नहीं था कि किसी ने मेरे चप्पल उठाए. इस बात का मुझे बाद में पता चला. असली खबर सूखा और किसानों की हालत है.’