नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपनी अमेरिका यात्रा से पहले एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है. जेटली ने कहा, कांग्रेस पार्टी का ठोस स्वरुप में विस्तार होना तब तक संभव नहीं है, जब तक वह अपने नेताओं का चुनाव योग्यता और क्षमता के आधार पर नहीं करती और अपनी मध्यमार्गी विचारधारा पर वापस नहीं लौटती. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में इंडिया कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जेटली ने यह बात कही है. पिछले महीने राहुल गांधी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान यहां के छात्रों को संबोधित किया था.
 
जेटली ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि ऐतिहासिक और परंपरागत रूप से कांग्रेस भारत में केंद्रीय स्थान में रही है. ज्यादातर मुद्दों पर कांग्रेस का अधिकांश रुख परंपरागत कांग्रेस पार्टी की मध्यमार्गी विचारधारा का नहीं है. कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व पर चुटकी लेते हुए जेटली ने कहा, यह सिर्फ वैचारिक एजेंडा है, जिस पर धुर वाम का प्रभाव है और कांग्रेस सिर्फ उनकी चीयर लीडर बनकर रह गई है.
 
 
वित्त मंत्री अरुण जेटली एक सप्ताह की यात्रा पर सोमवार को अमेरिका पहुंचेंगे. वह न्यूयॉर्क और बोस्टन में अमेरिकी कॉरपोरेट कंपनियों के साथ बैठक करेंगे. जेटली वाशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भी हिस्सा लेंगे.
 
सितंबर माह में राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए तब एक सवाल के जवाब में कहा था कि वंशवाद की राजनीति भारत में एक बड़ी समस्या है. उनकी पार्टी में शामिल ज्यादातर लोगों की कोई वंशानुगत पृष्ठभूमि नहीं है. अपने भाषण में राहुल ने राजनीतिक ध्रुवीकरण की भी आलोचना की थी.