मुंबई: शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि GST में जो बदलाव किए गए हैं वो दिवाली गिफ्ट नहीं है अभी और बदलावों की जनता और व्यापारियों को जरूरत है. उद्धव ने कहा कि GST में टैक्स स्लैब कम करना सही कदम है लेकिन पुराने स्लैब से जो ज्यादा टैक्स की वसूली हुई, क्या वो वापस होगा. उद्धव ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई कम नहीं हो रही. पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी ज्यादा हैं. 
 
उद्धव ठाकरे ने कहा कि गुजरात चुनाव को ध्यान में रखते हुए जीएसटी दरों में बदलाव किया गया है, क्योंकि बीजेपी सरकार को व्यापारियों के गुस्से का अंदेशा था. ठाकरे ने आगे कहा कि टैक्स सिस्टम में बदलाव लाने के लिए केंद्र बाध्य था क्योंकि लोगों की शक्ति के सामने अभिमानी शासकों के पास कोई भी चारा नहीं बचा था. महंगाई लगातार बढ़ रही है और मैं अर्थशास्त्री नहीं हूं कि मैं कल के एलान पर कोई कमेंट कर सकूं, लेकिन मैं ये बात कहना चाहता हूं कि पिछली सरकार अपने फैसलों पर टिकी रहती थी, आखिरी फैसला लेने का वक्त आ गया है.
 
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ठाकरे  ने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि जो लोग नोटबंदी का समर्थन कर रहे हैं वह देशभक्त हैं और जो लोग इसका विरोध करते हैं, वे देशद्रोही हैं. वह पिछले वर्ष केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ और हजार रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का जिक्र कर रहे थे. ठाकरे ने जम्मू और कश्मीर में पीडीपी के साथ बीजेपी के सत्ता साझा करने पर ऐतराज जताते हुए कहा कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी से कैसा वैचारिक संबंध है? ठाकरे ने केंद्र सरकार पर सवाल दागते हुए कहा कि अपने चुनावी घोषणापत्र के अनुसार वो जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को क्यों नहीं खत्म कर रहे हैं?
 

बता दें कि अरुण जेटली ने GST काउंसिल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि छोटे व्यापारियों की परिभाषा बदल गई है. उन्होंने कहा कि अब सालाना डेढ़ करोड़ का व्यापार करने वाले छोटे व्यापारी की श्रेणी में आ रहे हैं. अरुण जेटली ने कहा कि 1 अप्रैल 2018 से हर एक्सपोर्टर का अपना एक ई-वॉलेट होगा, जिसमें उसको ऑनलाइन रिटर्न आएगा. इसके साथ ही एक्पोर्टर को 31 मार्च 2018 तक जीएसटी से छूट दी गई है. वित्त मंत्री ने कहा कि अब 2 लाख की खरीदारी पैन फ्री कर दी गई है, पहले 50 हजार की खरीदारी पर पैन नंबर बताना पड़ता था.