चंडीगढ़: रेयान स्कूल के मालिकों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है. दरअसल कोर्ट ने ऑगस्टाइन पिंटो, रेयान ऑगस्टाइन फ्रांसिस पिंटो और ग्रेस पिंटो  की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.
 
कोर्ट ने अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उनको इस मामले में कोई राहत देने से इनकार कर दिया है. वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब-तलब भी किया है. वहीं मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी.
 
 
इससे पहले  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रेयान स्कूल के मालिकों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था. जज ने कहा वह रेयान के मालिकों को व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं इसलिए वो खुद को इस इस सुनवाई से अलग कर रहे हैं. अब रेयान के मालिकों की अर्जी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को ट्रांसफर की गई और दूसरी बेंच इस मामले की सुनवाई की.
 
रेयान स्कूल के फाउडिंग चेयरमैन एमडी ग्रेस पिंटो, ऑगस्टाइन पिंटो और ग्रुप सीईओ रेयान पिंटो ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी. रेयान ग्रुप की याचिका में कहा कि उनके खिलाफ धारा-302, आर्म्स एक्ट की धारा-25, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा-75 और पोक्सो एक्ट की धारा-12 के तहत एफआइआर दर्ज की गई है. याचियों में ये भी कहा गया है कि उन पर लगाए गए आरोप सही नहीं है, ये आरोप राज्य सरकार और मीडिया के दबाव में लगाए गए हैं.
 
 
याचिका में कहा गया है कि वह तो मुंबई में रहते हैं और उनके सारे निर्णय उच्च स्तर के लेने होते हैं. गुरुग्राम स्थित अन्य सारे स्कूल स्थानीय प्रबंधन की निगरानी में चलते है, ऐसे में उनका इस मामले में आरोपी बनाया जाना उचित नहीं. वह मामले की जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं. मगर उनको आशंका है कि पूछताछ के दौरान हरियाणा पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है.
 
क्या था मामला ?
गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे प्रद्युमन की हत्या कर दी गई थी. प्रद्युमन की बॉडी टॉयलेट में मिली थी. इस मामले में हरियाणा पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया था. बता दें कि 8 महीने पहले ही आरोपी अशोक स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर लगा था.  
 
अशोक ने बताया कि मेरी बुद्धि खराब हो गई थी. मैं स्कूल के बच्चों के टॉयलेट में था. वहां मैं गलत काम कर रहा था. तभी वह बच्चा आ गया. उसने मुझे गलत काम करते देख लिया. सबसे पहले तो मैंने उसे धक्का दिया. फिर अंदर खींच लिया. वह शोर मचाने लग गया, इससे मैं काफी डर गया. फिर मैंने बच्चे को दो बार चाकू से मारा और उसका गला रेत दिया.