लखनऊ: स्वच्छ भारत अभियान को सफल करने और लोगों को टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करने के लिए यूपी प्रशासन ने एक अनोखा फैसला किया है. प्रशासन उन लोगों के घरों से बिजली काट रहा है जिनके घर में टॉयलेट नहीं है.
 
सरोजनी नगर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर ने आदेश जारी कर कहा है कि जिन लोगों के घरों में टॉयलेट नहीं है उनके घर की बिजली काट दी जाए. आदेश मिलने के बाद से बिजली विभाग के कर्मचारियों ने ऐसे घरों को पहचानकर उनके घरों की बिजली काटनी शुरू भी कर दी है. 
 
प्रशासन के इस फैसले से लोगों में हड़कंप मच गया है. भडारसा निवासियों का कहना है कि बिजली कट जाने के बाद उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि टॉयलेट बनाने के लिए उन्होंने बीडीओ से समय मांगा था लेकिन बीडीओ ने उन्हें टाइम नहीं दिया और उनके घर की बिजली काट दी. ऐसे कई परिवार हैं जिनके घर की बिजली काट दी गई है. 
 
 
इस बाबत जब बीडीओ अजय प्रताप से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बिजली फिर से चालू कर दी जाएगी लेकिन लोग सरकार के साथ सहयोग क्यों नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक नहीं बल्कि दो तीन शौचालय बनाने की आवश्यकता है लेकिन लोग खुले में शौच करना बंद ही नहीं कर रहे हैं.