नई दिल्ली: राम रहीम की गुफा पर एक साध्वी ने बड़ा खुलासा किया है. साध्वी ने बताया है कि राम रहीम गुफा में बुलाकर गलत काम करता था. साध्वी ने कहा कि अंदर बुलाकर राम रहीम खास जाम पिलाता था. इसके बाद गलत काम करता था. साध्वी के मुताबिक जाम को पीने के बाद लड़कियां उसके बस में हो जाती थीं, इसके बाद जो उसके मन में आए वही काम करता था. साध्वी ने खुलासे में कहा कि गुफा के भीतर बाउंसर होते थे. जो लड़कियां गलत काम करने से मना करता थी तो उसके साथ मारपीट होता था. साध्वी ने कहा कि गुफा से लौटने के बाद लड़कियां बहुत रोती थी लेकिन शर्म के मारे इस बात को किसी के सामने नहीं बताती थीं. अपनी आप बीती बताते हुए साध्वी ने कहा कि साल 1999 से 2002 तक राम रहीम के डेरे में थे. तभी मैंने बलात्कारी बाबा की करतूत देखी. 
 
साध्वी के अनुसार वह खुद एक बार राम रहीम का शिकार होते-होते बची थी. उसने बताया कि मेरे मां-बाप ने उसे धार्मिक काम और पढ़ाई करने के लिए डेरे में भेजा था. लड़कियों को माफी दिलाने के नाम पर राम रहीम गुफा के अंदर बुलाता, इसके बाद लड़कियां रोते हुए बहार निकलती थीं. जो भी लड़की उसको अच्छी लगती थी उसे बुला लिया जाता था.
 
बता दें कि राम रहीम को लेकर एक और खुलासा हुआ है. बलात्कारी बाबा ने लोगों की भलाई के नाम पर अपनी संस्था डेरा सच्चा सौदा को निजी कमाई का जरिया बना लिया था. हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में डेरे के 90 लाख स्थाई मेंबर से सेवा के नाम पर बाबा उगाही करता था. डेरे का अफसर और परमानेंट मेंबर बनने के लिए कमाई का 10% हर महीने सेवा के नाम पर देना होता था. बिना बैंक खाते, ट्रांजेक्शन और रिकॉर्ड के राम रहीम हर महीने करोड़ों रुपए की उगाही करता था. बता दें कि दो साध्वियों से यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 अगस्त को बाबा राम रहीम को बीस साल की सजा सुनाई थी. इससे पहले 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को दोषी माना था. राम रहीम पर यह मामला 15 साल पहले का था.
 
उस वक्त डेरा सच्चा सौदा की एक साध्वी ने राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सीबीआई को सितंबर 2002 में मामले की जांच का जिम्मा सौंपा. सीबीआई ने 18 साध्वियों से पूछताछ की जिनमें दो साध्वियों ने यौन शोषण की बात स्वीकार की थी.