नई दिल्ली: बेनामी संपत्ति मामले में सोमवार को आयकर विभाग ने लालू यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ फाइनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है. इससे पहले मनी लॉन्डिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने 5 सितंबर को लालू यादव की बेटी और दामाद शैलेश कुमार के बिजवासन स्थित फॉर्म हाउस को जब्त कर लिया जो मैसर्स मिशैल पैकर्स एंड प्रिटर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से था.
 
गौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार से पहले भी ईडी ने पूछताछ की थी. 8000 करोड़ रूपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मीसा भारती के फॉर्म हाउस पर छापा पड़ा था और उनसे और उनके पति से ईडी ने घंटो पूछताछ भी की थी. 
 
 
इससे पहले सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेटिंग ऑफिसर यानी सीएफआईो ने दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में जैन ब्रदर्स और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था. इनके खिलाफ कई फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रूपये के काले धन को सफेद करने का आरोप है. 
 
जांच में पाया गया था कि 2007-2008 में मिशैल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के 1,20,000 शेयर 100 रूपये प्रति शेयर की दर से खरीदे जबकि उनकी कीमत दस रूपये थी. इन पैसों से बिजवासन में 1.41 करोड़ का फॉर्म हाउस खरीदा गया.
 
 
जानकारी के मुताबिक चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल ने मिशेल पैकर्स कंपनी के लिए खातों में सुविधानुसार लेन-देन की फर्जी एंट्री की. इसके अलावा मिशेल पैकर्स की आड़ में कई फर्जी लेन देन भी किए गए.