Hindi national AIMPLB, Supreme Court, Decision on triple talaq, No confession into shariyat, muslim law board, National News, hindi news, bhopal http://www.inkhabar.com/sites/inkhabar.com/files/field/image/muslim%20personal%20law%20board.jpeg
Home » National » तीन तलाक : SC के फैसले का सम्मान, लेकिन शरीयत में दखल मंजूर नहीं- मुस्लिम लॉ बोर्ड

तीन तलाक : SC के फैसले का सम्मान, लेकिन शरीयत में दखल मंजूर नहीं- मुस्लिम लॉ बोर्ड

तीन तलाक : SC के फैसले का सम्मान, लेकिन शरीयत में दखल मंजूर नहीं- मुस्लिम लॉ बोर्ड

| Updated: Monday, September 11, 2017 - 07:27
AIMPLB, Supreme court, Decision on triple talaq, No confession into shariyat, Muslim law board, National news, Hindi news, Bhopal

AIMPLB says respect of supreme court decision on tripple talaq but no confession into shariyat

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
तीन तलाक : SC के फैसले का सम्मान, लेकिन शरीयत में दखल मंजूर नहीं- मुस्लिम लॉ बोर्डAIMPLB says respect of supreme court decision on tripple talaq but no confession into shariyatMonday, September 11, 2017 - 07:27+05:30
भोपाल : रविवार को भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की पहली बैठक हुई. जिसमें कहा गया कि वो तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते है, लेकिन शरीयत में किसी भी प्रकार का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बोर्ड ने फिलहाल कोर्ट के फैसले के अध्ययन के लिए कानूनी जानकारों की दस सदस्यीय समिति बनाने का फैसला किया है. यह समिति इस बात का अध्ययन करेगी कि कोर्ट के फैसले में शरीअत को लेकर कोई विसंगति तो नहीं है.
 
भोपाल में पर्सनल लॉ बोर्ड की दिन भर चली बैठक के बाद वर्किंग कमेटी के सदस्य कमाल फ़ारुकी ने कहा कि बोर्ड में फैसला लिया गया है कि शरीयत में किसी भी तरह का दख़ल मंज़ूर नही है. वहीं संविधान में जो संरक्षण दूसरे धर्मो के लोगों को मिला है, वही संरक्षण मुसलमानों को भी मिलना चाहिए.
 
 
बैठक के बाद हुई पत्रकार वार्ता में बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी ने कहा कि एक साथ तीन तलाक पाप है, लेकिन वैध है. उन्होंने कहा कि एक साथ तीन तलाक धार्मिक आधार पर शुरू हुआ है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में यह मंशा जाहिर की थी कि कोर्ट के हस्तक्षेप के बिना यदि कोई शादी टूटती है तो वह असंवैधानिक घोषित करना चाहिए.
 
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बाबरी मस्जिद मसले पर कहा कि इस पर किसी भी तरह से जल्दबाज़ी नहीं की जानी चाहिए. बोर्ड सचिव ज़फ़रयाब जिलानी ने कहा कि चूंकि बाबरी मस्जिद मसला संपत्ति संबंधित है इसलिए इस मामले में फ़ैसले को लेकर जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए. 
First Published | Monday, September 11, 2017 - 07:27
For Hindi News Stay Connected with InKhabar | Hindi News Android App | Facebook | Twitter
Web Title: AIMPLB says respect of supreme court decision on tripple talaq but no confession into shariyat
(Latest News in Hindi from inKhabar)
Disclaimer: India News Channel Ka India Tv Se Koi Sambandh Nahi Hai

Add new comment

CAPTCHA
This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

फोटो गैलरी

  • कजाकिस्तान में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी से मिलते अफगानी राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी
  • उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
  • मुंबई के केलु रोड स्टेशन पर एक ट्रेन में सवार अभिनेता विवेक ओबेरॉय
  • मुंबई में अभिनेत्री सनी लियोन "ज़ी सिने पुरस्कार 2017" के दौरान प्रदर्शन करते हुए
  • सूफी गायक ममता जोशी, पटना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन करते हुए
  • लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी
  • मुंबई में आयोजित दीनानाथ मंगेसकर स्मारक पुरस्कार समारोह में अभिनेता आमिर खान
  • चेन्नई बंदरगाह पर भारतीय तटरक्षक बल आईसीजीएस शनाक का स्वागत
  • आगरा में ताजमहल देखने पहुंचे आयरलैंड के क्रिकेटर
  • अरुणाचल प्रदेश में सेला दर्रे पर भारी बर्फबारी का एक दृश्य