श्रीनगर. बॉर्डर से जारी घुसपैठ और आतंकी हमलों के बीच शुक्रवार को श्रीनगर में एक बार फिर इस्लामिक स्टेट के झंडे फहराए गए. यह लगातार चौथा मौका है जब जुमे की नमाज के बाद श्रीनगर में इस आतंकी संगठन के झंडे दिखाए गए हैं. जो झंडे दिखाए गए उन पर लिखा था, ‘IS JK जल्द आ रहा है.’ श्रीनगर के जामा मस्जिद इलाके में एक बार फिर पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के झंडे भी नजर आए.

जुमे की नमाज के बाद हुई इस घटना का सिक्युरिटी फोर्सेस को पहले से अंदेशा था. इसकी वजह यह है कि पिछले कई हफ्तों से हर शुक्रवार भारत विरोधी लोग इस तरह के प्रदर्शन करते आ रहे हैं. वे हिरासत में रखे गए अलगाववादी नेताओं की रिहाई की मांग करते हैं. पहले उन्‍होंने पुलिस पर पथराव भी किए थे. इसलिए इस बार सिक्युरिटी फोर्स के लोग पहले से ऐसी किसी घटना से निपटने के लिए तैयार थे. लिहाजा प्रदर्शनकारियों को हिंसा करने का मौका हाथ नहीं लगा. इस बीच, उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद घाटी में सिक्योरिटी अरेजमेंट्स काफी सख्त कर दिए गए हैं.

12 लड़कों का ग्रुप कर रहा है ये हरकतें 
पुलिस अफसरों के मुताबिक आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडे फहराने के पीछे 12 लड़कों का ग्रुप है. सीनियर पुलिस अफसरों के मुताबिक इंटेलीजेंस इनपुट और सीसीटीवी कैमरों से मिले फुटेज और फोटो के आधार पर इस ग्रुप से जुड़े लोगों की पहचान कर ली गई है और इन पर लगातार निगाह रखी जा रही है. इंटेलिजेंस एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि इस ग्रुप को आखिर फंडिंग कहां से हो रही है.

कब-कब दिखे आईएस के झंडे?
1. 17 जुलाई शुक्रवार को श्रीनगर के नोहट्टा इलाके में एक मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद विरोध भड़का. प्रदर्शनकारियों ने आईएसआईएस और लश्कर-ए-तैयबा के झंडे दिखाए.
2. 24 जुलाई को श्रीनगर की जामा मस्जिद में नमाज के बाद कुछ लोग आईएसआईएस का झंडा लिए नजर आए. उन्होंने नकाब पहन रखा था.
3. 31 जुलाई को इसी मस्जिद के बाहर नमाज के बाद फिर आईएसआईएस और लश्कर-ए-तैयबा के झंडे दिखाए गए.

एजेंसी इनपुट भी