पटना: सृजन घोटाले को लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेट तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भागलपुर में सृजन घोटाले के खिलाफ रैली में जमकर निशाना साधा. तेजस्वी ने निशाना साधते हुए कहा कि अगर सृजन घोटाला नहीं होता तो आज नीतीश जी BJP के साथ मजबूरी में नहीं होते. एक दूसरे का काला पाप छिपाने नीतीश जी और सुशील मोदी साथ आए हैं.
 
तेजस्वी ने कहा कि मैंने नीतीश जी को घोटाला नहीं करने दिया. राज्य में हमारी सबसे बड़ी पार्टी थी इसलिए नीतीश जी सृजन घोटाले के अपने पुराने साथियों संग घोटाला करने दुबारा मिल गए. उन्होंने कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी खुद मान रहे है मेरे वितमंत्री रहते मेरी बहन की सृजन घोटाले में भागीदारी रही. ये लोग खुद इसमें शामिल रहें हैं और नीतीश जी को हिस्सा देते हैं.
 
रैली को संबोधित करते हुए बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार नैतिक भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह हैं. इनकी राजनीति अनैतिकता के कुकर्मों से भरी पड़ी है. उन्होंने आगे कहा कि जनता को दगा देने वाला नीतीश जी से बड़ा कोई राजनीतिक भ्रष्टाचारी इस संसार में पैदा नहीं हुआ. नीतीश जी, अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए जनादेश और आवाम को दगा देने वाले सबसे बड़े सामाजिक भ्रष्टाचारी हैं.
 
तेजस्वी ने आगे कहा कि नीतीश जी सिर से लेकर पैर तक सृजन घोटाले में धंसे हुए हैं इसलिए गिड़गिड़ा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पलटी मार बिहार जितने के लिए जनता ने दिए जनादेश का अपमान कर अनैतिक सरकार बना ली. तेजस्वी ने कहा कि हम इस रैली से हम नीतीश कुमार, सुशील मोदी समेत गिरिराज सिंह जैसे घोटालेबाजों का विसर्जन करने आए हैं. यहां हम जनता को बताने आए हैं कि हम इन लोगों के संरक्षण में कैसे घोटाले को अंजाम दिया जा रहा था.
 
 
बता दें कि बिहार के सबसे चर्चित सृजन घोटाले के खिलाफ लालू परिवार ने शंखनाद कर दिया है. भागलपुर में सृजन घोटाले को लेकर ‘सृजन के दुर्जनों का विसर्जन’ रैली का आयोजन किया. इस रैली में लालू ने कहा कि लालू ने कहा कि सरकारी पैसे के एक-एक रुपये का हिसाब नीतीश कुमार को देना होगा. हम किसी भी हाल में डरने वाले नहीं है. उन्होंने कहा कि राजद की रैली को रोकने के लिए सीबीआई का प्रयोग किया गया.