नासिक. खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां मुंबई पुलिस के संपर्क में हैं. पहले उनके विदेश जाने का शक जताया जा रहा था. वह दहेज के एक केस में फंसी हुई हैं. साधु समाज भी उनके खिलाफ हो गया है. द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मांग की है कि राधे मां के नासिक कुंभ में शामिल न होने दिया जाए. 

गुरुवार को शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ”मुंबई की राधे मां को शाही स्नान में हिस्सा लेने का कोई अधिकार नहीं है. उन्हें आम श्रद्धालुओं की तरह स्नान करना चाहिए.” बताया जा रहा है इस मांग के बाद अखाड़ा परिषद् ने उनके आने पर रोक लगा दी है. मुंबई में एक महिला ने राधे मां पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. यही नहीं, राधे मां अपने रहन-सहन को लेकर भी पिछले कुछ दिनों से चर्चा में हैं. 

राधे मां पर आरोप
खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां के खिलाफ मुंबई के बोरीवली इलाके में केस दर्ज हुआ है. राधे मां पर एक महिला को उसके पति और ससुरालवालों से प्रताड़ित करवाने का आरोप लगा है. बोरीवली पुलिस ने इस मामले में राधे मां समेत 7 लोगों के खिलाफ केस रजिस्टर किया है.

कौन है राधे मां?
राधे मां का जन्म पंजाब के गुरदासपुर जिले के एक सिख परिवार में हुआ था. उनकी शादी पंजाब के ही रहने वाले व्यापारी सरदार मोहन सिंह से हुई. शादी के बाद एक महंत से राधे मां की मुलाक़ात हुई, जिसके बाद से ही उन्होंने आध्यात्मिक जीवन अपनाया. कुछ समय बाद वह मुंबई आ गई और वो राधे मां के नाम से मशहूर हो गई.