नई दिल्ली: ईवीएम की आलोचना ना करने के नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले पर आज सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. मामले की अगली सुनवाई अब 6 हफ्ते बाद होगी. शुक्रवार को याचिकाकर्ता रमेश पांडेय की ओर से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच के सामने कहा है कि हाई कोर्ट का ये आदेश कानून में ठहरने वाला नहीं है. साथ में ये फैसला बोलने की आजादी के अधिकार के खिलाफ है. 
 
बता दें कि 2 जून 2017 को नैनीताल हाई कोर्ट ने कहा था कि किसी को भी ईवीएम की आलोचना करने का अधिकार नहीं है. हाई कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसके आदेशों पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता है. कोर्ट ने कहा था कि चुनाव राजनीतिक दलों को किसी भी संवैधानिक संस्था की साख को धक्का पुहंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. 
 
 
कोर्ट ने राज्यों के राजनीतिक दलों को किसी भी संवैधानिक संस्था की साख को धक्का पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. कोर्ट ने राज्यों के राजनीतिक दलों, अन्य राजनीतिक दलों, एनजीओ या व्यक्तिगत रूप से ईवीएम के प्रयोग की आलोचना पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रानिक माध्यम, प्रेस, रेडियो, फेसबुक, ट्विटर इत्यादि के जरिये ईवीएम की आलोचना नहीं कर सकता.
 
 
जिसके बाद याचिकाकर्ता रमेश पांडेय ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. बता दें कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के बाद से ईवीएम पर राजनीतिक दल लगातार ही सवाल खड़े किए थे. बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी ने प्रमुख रूप से ईवीएम का मुद्दा उठाया था.