पटना/नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी के नाम बिहार के सीएम नीतीश कुमार के खुले पत्र पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार खुद को बिहार का पर्याय बता कर 11 करोड़ बिहारियों का अपमान कर रहे हैं. वहीं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री राज्य की पहचान के साथ अपने ‘अति अहंकार’ को जोड़ रहे हैं. 

पीएम से डीएनए वाले बयान को वापस लेने की नीतीश कुमार की मांग पर सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार मतलब बिहार नहीं है. यह कांग्रेस की संगत का असर है कि नीतीश कुमार खुद को बिहार का पर्याय बता कर 11 करोड़ बिहारियों का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘आपातकाल में इंदिरा गांधी भी स्वयं को भारत समझने लगी थीं. इसका अंजाम उन्हें भुगतना पड़ा था. नीतीश कुमार को भी जल्द ही जनता सबक सिखाएगी. अतिथि सत्कार बिहार के डीएनए में है.’

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा और सवाल किया कि बिहार के मुख्यमंत्री ने 2010 में मोदी को रात्रिभोज से मना करके और गुजरात सरकार की ओर से दी गई राहत सामाग्री एवं पांच करोड़ रुपये की मदद लौटाकर कौन सी बिहारी पहचान दिखाई थी. 

आपकों बता दें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखा है. इस पत्र में नीतीश कुमार ने पीएम मोदी द्वारा हाल ही में बिहार के मुजफ्फरपुर में आयोजित एक चुनावी रैली में उनके ‘DNA’ पर की गई टिप्पणी पर कड़ा एतराज़ जताया है. नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जो जवाबी चिट्ठी लिखी उसे बुधवार को ट्विटर पर शेयर किया है. 

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले महीने बिहार में हुए एक चुनावी रैली में कहा था कि,  ‘नीतीश ने न सिर्फ़ मेरा बल्कि जीतन राम मांझी जैसे महादलित का भी अपमान किया है….ऐसा लगता है कि उनके ‘डीएनए’ में कुछ गड़बड़ है क्योंकि लोकतंत्र का डीएनएन इससे अलग होता है. लोकतंत्र में आप अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदियों को भी इज्ज़त देते हैं.’