नई दिल्ली. मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए आज नागालैंड के उग्रवादी दल NSCN (नैशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड) के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए. NSCN के प्रमुख टी मुइवा भुई इस समझौते के समय 7 RCR में मौजूद थे. आपको बता दें कि NSCN उग्रवादी पिछले 3 दशकों से ग्रेटर नागालैंड की मांग पर अड़े थे. 

मोदी ने बताया ऐतिहासिक पल 
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वो शाम साढ़े छह बजे 7 रेसकोर्स रोड से बड़ी घोषणा करने वाले हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने समझौते पर हस्ताक्षर होने को एक ऐतिहासिक क्षण बताया. भारत के पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में लंबे समय से अलगववादी आंदोलन चल रहा है और ये आंदोलन कई गुटों में बंटा है.मोदी ने कहा कि 60 साल से नगा समस्या का समाधान नहीं हो पाया और हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि शस्त्र समस्याओं का समाधान नहीं है. मोदी ने कहा कि आज अगर महात्मा गांधी होते, तो वे बहुत खुश होते, NSCN(IM) ने जो कार्य किया है उसने नगालैंड के भविष्य निर्माण का रास्ता खोला है. 
मोदी ने कहा है कि 3 अगस्त भारत के इतिहास में स्वर्णिम दिन के रूप में याद किया जाएगा क्योंकि आज नागालैंड ने आत्मविश्वास का एक नया अध्याय लिखा है. मोदी ने कहा कि आज का समझौता यह दर्शाता है कि हम शांति और सद्भाव के पथ पर आगे बढ़ सकते हैं. पूरे देश को नगालैंड की ग्रासरूट डेमोक्रेसी से सीखना चाहिए. नगालैंड के लोगों को शांति कायम करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं.

मुइवा भी हैं काफी खुश
हस्ताक्षर करने के बाद उग्रवादी संगठन के नेता थुइंगालेंग मुइवा ने इस फैसले पर खुशी जताई. उन्होंने इस नतीजे पर पहुंचने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करने के बाद कहा कि कई सालों की कोशिशों के बाद आखिरकार दोनों पक्ष समझौते पर पहुंचे हैं, जिससे नगालैंड के लोगों का भला होगा. थुइंगालेंग मुइवा ने महात्मा गांधी के शांति के संदेश का जिक्र करने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी की कोशिशों के बारे में भी बात की. आखिर में उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से शांति की दिशा में कदम उठाया है, उसके लिए आपका नेतृत्व बधाई का पात्र है. उम्मीद है कि आप नगालैंड के लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे.’