जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में सीएम रघुवर दास के इलाके में एक मजदूर को बिजली विभाग ने 38 अरब रुपए का बिल थमा दिया है. इसमें ड्यूटी चार्ज ही 23 अरब रुपए बताया गया है. बिल देखकर बुजुर्ग के होश उड़ गए. बिजली बिल में सुधार के लिए परिवार वाले बोर्ड दफ्तर का चक्कर लहा रहे हैं. 
 
इसी हफ्ते बागुनहातु निवासी केके गुहा के घर के मीटर की रीडिंग लेने के लिए जब बिजली विभाग से आए कर्मचारी बिल देकर चल गया. बिजली बिल 38.39 अरब रुपए का आया था, इसे जमा करने की अंतिम तारीख 25 अगस्त निर्धारित है. केके गुहा पेशे से मजदूर हैं. उनका तीन कमरों का घर है, जिसमें बल्ब, टीवी और फ्रिज के अलावा कोई और बिजली का उपकरण नहीं है.
 
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गलत बिल की शिकायत लेकर परिवार के लोग बोर्ड के अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा हैं. हालांकि इस मामले पर अधिकारियों का कहना है कि बिजली बिल में गलती है, इसमें सुधार किया जाएगा. मामले पर बिलिंग एजेंसी से भी पूछताछ की जाएगी. 38 अरब रुपए का बिजली बिल मिलने के बाद से केके गुहा का परिवार परेशान है.
 
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अप्रैल से झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड ने स्पॉट बिलिंग प्रक्रिया शुरू की है. दावा किया गया था कि इससे लोगों को समय पर बिजली बिल मिलेंगे और गलती की कोई संभावना नहीं होगी. लेकिन चार महीने बाद से उपभोक्ता गलत बिलिंग से परेशान हैं. बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक 45 हजार उपभोक्ताओं के बिल में गड़बड़ी हुई है. फिर भी बोर्ड की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.