गोरखपुर: BRD मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई शुरू हो गई है. सीएम योगी के दौरे के बाद NICU के हेड और वाइस प्रिंसिपल डॉक्टर कफील खान को हटा दिया गया है. ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के बाद सीएम योगी और केंद्रीय स्वास्थय मंत्री जेपी नड्डा अस्पताल का दौरा करने पहुंचे थे.
 
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फटकार के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी BRD अस्पताल पहुंचे थे. सीएम योगी के साथ उन्होंने वार्ड में जाकर बच्चों और मरीजों का हाल जाना. जहां सीएम योगी और उनका विरोध हुआ. प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया.
 
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गोरखपुर हादसे के बाद केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए गोरखपुर में रिजनल मेडिकल सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दे दी है. खास बात ये है कि यह मेडिकल रिसर्च सेंटर बच्चों की बीमारियों पर रिसर्च करेगा और उनके टीकों को विकसित करने का काम करेगा. 
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को गोरखपुर में घोषणा करते हुए कहा कि मैंने रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की मंजूरी दे दी है और गोरखपुर में मेडिकल रिसर्च सेंटर बनाने पर 85 करोड़ रुपये खर्च आएगा.
 
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बता दें कि ये घोषणा उस वक्त की गई है, जब गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में इन्सेफेलाइटिस और ऑक्सिजन सप्लाई रूकने की वजह से पिछले 5 दिनों में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद वहां का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा और सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अस्पताल पहुंचे. 
 
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मेडिकल सेंटर स्थापित करने की संसद में मांग उठाई थी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए योगी ने पूर्वांचल में इन्सेफेलाइटिस के सवाल को कई बार उठाया है.