नई दिल्ली. कैंची चला-चलाकर बॉलीवुड स्टार्स के पसीने छुड़ाने वाले पहलाज निहलानी की जगह पर सेंसर बोर्ड का चेयरमैन बनाए गए एड-गुरु और गीतकार प्रसून जोशी का भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत गहरा पेशेवर लगाव रहा है. शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रसून जोशी के रिश्ते पर करते हैं. प्रसून जोशी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कई विज्ञापन बनाए लेकिन जिस एक चीज को पूरा देश इस समय भी याद रखता है वो था गीत- “सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा.”
 
प्रसून जोशी के लिखे इस गीत को बीजेपी ने 2014 का चुनावी एंथेम यानी चुनावी गीत बनाया था. बीजेपी के ऑफिसियल यू-ट्यूब एकाउंट पर 25 मार्च, 2014 को डाले गए इस वीडियो की शुरुआत में खुद नरेंद्र मोदी की आवाज में तीन पंक्तियां हैं और उसके बाद संगीतकार आदेश श्रीवास्तव की धुन पर गायक सुखविंदर सिंह की आवाज में पूरा गाना है. इस वीडियो को टीवी चैनलों और इंटरनेट पर विज्ञापन के रूप में जारी किया गया था. इसके अलावा इसका ऑडियो वर्जन पूरे देश में भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए सभाओं के दौरान लोगों में उत्साह भरने वाला ओजस्वी गाना बन गया. जोशी ने ही रेडियो कैंपेन बनाया था- हैलो, मैं महंगाई बोल रही हूं.

नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद “स्वच्छ भारत” अभियान चलाया तो प्रसून जोशी झाड़ू लेकर सड़कों पर उतरे और एड-मैन व गीतकार के रूप में अभियान का गीत “स्वच्छ बनेगा इंडिया” भी लिखा. जोशी को 2015 में भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान के सबसे लोकप्रिय नारे “अबकी बार मोदी सरकार” को हालांकि दूसरे एड-गुरु पीयूष पांडे ने बनाया था क्योंकि बीजेपी ने प्रसून जोशी के नारे “देश की पुकार, मोदी सरकार” को कम लुभावना माना था. ये तो आपको पता ही होगा कि मोदी के चुनाव प्रचार में और तमाम विज्ञापन निर्माताओं के अलावा पीयूष पांडे और प्रसून जोशी सबसे अहम थे.
 
टॉप एड एजेंसी मैक्केन के दक्षिण एशिया चेयरमैन प्रसून जोशी का बीजेपी से नाता-रिश्ता नरेंद्र मोदी से पहले का है. जब 2009 में लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया गया था तो उस साल बीजेपी का सारा विज्ञापन और स्लोगन प्रसून जोशी ही रच रहे थे. आडवाणी के चुनाव प्रचार का नारा- “मजबूत नेता, निर्णायक सरकार” भी प्रसून जोशी की कलम से ही निकला था.
 
इसलिए नरेंद्र मोदी जब 2014 में अपने चुनाव प्रचार के लिए बहुत सारे एड-मेकर्स की सेवा ले रहे थे तो उनमें प्रसून जोशी भी एक थे. बीजेपी ने ये माना था कि प्रसून जोशी लंबे समय से बीजेपी के लिए विज्ञापन बना रहे हैं इसलिए वो पार्टी की विचारधारा को पूरी तरह समझते हैं और देश के मौजूदा हालात में पार्टी को क्या नारे देने चाहिए, क्या मुद्दे उठाने चाहिए, ये वो बखूबी जानते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी प्रसून जोशी का लिखा बहुत पसंद करते थे इसलिए वाजपेयी ने एक बार अपने भाषण में जोशी की लिखी कविता “इरादा नए भारत का” इस्तेमाल किया था. कुल मिलाकर ये कि प्रसून जोशी को सेंसर बोर्ड का चीफ बनाने में कोई राजनीतिक खेल नहीं है लेकिन प्रोफेशनल राजनीतिक रिश्ता इतना लंबा और गहरा है कि सरकार को कोई खतरा नहीं दिखा.
 
उत्तराखंड में पैदा हुए प्रसून जोशी ने एड की दुनिया में कई बड़े विज्ञापन दिए हैं जिनमें ठंडा मतलब कोका-कोला और सफोला का एड – अभी तो मैं जवान हूं- आपको याद ही होगा.जोशी ने कई फिल्मों में गीत लिखे और उसके लिए उन्हें दो बार नेशनल अवार्ड भी मिल चुका है. जोशी ने 2014 में ‘भाग मिल्खा भाग’ की स्क्रिप्ट भी लिखी. चलते-चलते आपको याद दिला दें कि सेंसर बोर्ड चीफ पद से हटाए गए पहलाज निहलानी ही वो थे जिन्होंने 2014 में “हर हर मोदी, घर घर मोदी” वाला गाना बनाया था. जब उनको 2015 में सेंसर बोर्ड का मुखिया बनाया गया था आलोचकों ने कहा था कि देश के घर-घर में रच-बस गए उस नारे का निहलानी को ईनाम मिला. 

फिर निहलानी ने नवंबर, 2015 में पीएम मोदी को समर्पित एक और गाना बनाया. “मेरा देश है महान” नाम का यह गाना सिनेमाघरों में फिल्मों के पहले दिखाया जाता था. इस गाने की प्रोडक्शन क्वालिटी और वीडियो में विदेशी लोकेशन्स के भरपूर इस्तेमाल की आलोचना हुई थी.