भोपाल : नर्मदा घाटी मध्य प्रदेश में बांध प्रभावितों के लिए मुआवज़े और पुनर्वास की मांग को लेकर अनशन कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को पुलिस ज़बरदस्ती अस्पताल ले गई. भूख हड़ताल पर बैठीं मेधा पाटकर की हालत नाजुक है.। उनके साथ 5 और लोगों को अनशन से उठा दिया गया.
 
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर मध्य प्रदेश के धार जिले के चिखाल्दा गांव में 12 दिनों से आमरण अनशन कर रही थी. नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर पिछले कई दिनों से सेहत खराब होते जाने के बावजूद मेडिकल चेकअप नहीं करा रही थीं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने अनशनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया है.
 
मेधा की बिगड़ती तबीयत को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी चिंता जता चुके हैं. शिवराज ने मेधा से उपवास खत्म करने का आग्रह किया था. उन्होंने इंदौर के संभागायुक्त संजय दुबे, अपर सचिव चंद्रशेखर बोरकर के साथ भय्यूजी महाराज को शनिवार को मेधा से संपर्क करने भेजा था, मगर बात नहीं बनी थी.
 
 
बता दें कि मेधा पाटकर की मांग है कि सरदार सरोवर के गेट खोले जाएं फिर लोगों का पूरे पुनर्वास का इंतजाम हो, उसके बाद ही विस्थापन किया जाए. सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई 138 मीटर किए जाने से मध्य प्रदेश की नर्मदा घाटी के 192 गांव और करीब 40 हजार परिवार विस्थापित होने वाले हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई तक पुनर्वास के इंतजाम के बाद ही बांध की ऊंचाई बढ़ाने का निर्देश दिया था.