नई दिल्ली. चक्रवाती तूफान ‘कोमेन’गुरुवार शाम बांग्लादेश के तट पर पहुंच गया, जिस वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश हो रही है. मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि बांग्लादेश में बारिश के बाद यह तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की तरफ मुड़ जाएगा और धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा.

इस वजह से ओडिशा में आई बाढ़ का असर पांच जिलों के करीब 350 गांवों पर पड़ा है और करीब पांच लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं. यहां की स्वर्ण रेखा और बैतरणी नदी समेत कई और नदियां उफान पर हैं. इतना ही नहीं बांग्लादेश से शुरू हुए कोमने नाम के तूफान के चलते यहां अगले तीन से चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीमों को भेजा गया है. यहां के बालासोर जिले में बाढ़ के चलते तीन लोगों की मौत हो गई है. प्रशासन ने हालात को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया है.

आईएमडी के चक्रवात चेतावनी संभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया, अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होगी और आज भी पश्चिम बंगाल के गंगेय क्षेत्र के दूर-दराज के स्थानों पर अत्यधिक बारिश होगी और एक अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से भारी बारिश होगी. उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी राज्यों के मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण असम के अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी और दूर-दराज वाले स्थानों पर तेज बारिश होगी. 31 जुलाई और एक अगस्त को झारखंड में भी भारी बारिश होने की संभावना है. महापात्र ने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल और ओडिशा से तटों के आसपास 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी जो 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंच सकती है.

जानिए  ‘कोमेन’ से जुड़ी खास बातें
1. मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि इस वजह से ज्यादातर जगहों पर बारिश होगी, कुछ जगहों पर भारी बारिश होगी और आज भी गंगा नदी वाले पश्चिम बंगाल के दूर-दराज के इलाकों में बेहद तेज बारिश होगी और एक अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से भारी बारिश होगी. 

2. ओडिशा के पांच जिलों – जयपुर, मयूरभंज, क्योंझर, भद्रक और बालेश्वर में इस तूफान की वजह से हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं और अधिकारियों का कहना है कि तूफान से हालात और खराब होंगे. 

3. ओडिशा के तट पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। यहां के सभी पोर्ट्स पर पांचवें स्तर का अलर्ट जारी कर दिया गया है.

4. चक्रवात चेतावनी संभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान मिजोरम और त्रिपुरा में एवं पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार हवा चलेगी. इस दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी में समुद्र में लहर काफी तेज रहेंगी. 

5. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के तीन जिलों के बुधवार रात से ही चक्रवाती तूफान की चपेट में होने के कारण अपनी लंदन यात्रा को बीच में ही खत्म कर वापस लौटी हैं. ममता ने ट्वीट किया था कि, ‘चक्रवात के कारण मैं लंदन से आज रात वापस जा रही हूं.’ उन्होंने कहा, ‘गृह सचिव से बातचीत की है। सभी एहतियात बरती जा रहे हैं.’

6. बंगाल सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स ने सात जिलों में करीब 26,000 लोगों को राहत कैंपों में भेज दिया है. राज्य में 227 राहत शिविर लगाए गए हैं.

7. इस बीच चक्रवात प्रभावित जिलों से मिली खबरों के अनुसार दो सौ से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ है और दर्जनों लोग बेघर हो गए हैं. इसके साथ ही नौ लोगों के घायल होने की भी खबर है.

8. राज्य सरकार ने बाढ़ के हालात पर निगरानी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है.

9.बंगाल की खाड़ी में बीते वर्षों में कई खतरनाक तूफान आ चुके हैं. इनमें एक 1970 में आया था, जिसमें बांग्लादेश के हजारों लोग मारे गए थे.

10. इसके अलावा साल 2015 में भारत के दक्षिणपूर्वी तट पर आए फैलिन तूफान की वजह से लाखों लोगों को अपने घर छोड़कर जाना पड़ा था.

एजेंसी