नागपुर. 1993 के मुंबई धमाकों के लिए याकूब मेमन को नागपुर जेल में फांसी दे दी गई है. सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में फांसी टालने की आखिरी याचिका खारिज होने के कुछ देर बाद सुबह 5.20 बजे ही फांसी दे दी गई. फांसी को लेकर महाराष्ट्र समेत कई राज्यों को अलर्ट किया गया है.

1993 में मुंबई में सिलसिलेवार धमाकों में 257 लोगों की जान चली गई थी और बड़ी संख्या में लोग जख्मी हुए थे. कई लोग अपाहिज हो गए थे. इस धमाके के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन पुलिस की पहुंच से बाहर हैं.

याकूब मेमन को नेपाल से गिरफ्तार किया गया था जहां वो पाकिस्तान से आया था. बाद में याकूब के परिवार के कुछ और सदस्य भी भारत आ गए थे. याकूब के परिवार वालों का दावा रहा कि याकूब सरेंडर करने के मकसद से ही नेपाल गया था.

याकूब को 2007 में फांसी की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद याकूब ने फांसी के खिलाफ अपील दर अपील की लेकिन सारी अपील खारिज हो गए. राष्ट्रपति ने फांसी से ठीक एक दिन पहले उसकी दूसरी दया याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उसके वकीलों की फांसी टालने की अपील पर देर रात सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई और अहले सुबह ये याचिका भी खारिज कर दी गई.