नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई धमाके मामले में याकूब मेमन की फांसी रोकने की आखिरी अपील भी खारिज कर दी है. इसके बाद उसे सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर फांसी दे दी गयी है.

याकूब के वकीलों का कहना था कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने याकूब की दया याचिका बीती रात खारिज की है इसलिए उसकी फांसी 14 दिन के लिए टाल देनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट का एक पुराना फैसला है कि दया याचिका खारिज होने और फांसी के बीच 14 दिन का अंतराल होना चाहिए.

राष्ट्रपति के पास याकूब मेमन की यह दूसरी दया याचिका थी. इससे पहले राष्ट्रपति उसकी एक दया याचिका पिछले साल ही खारिज कर चुके हैं. 

जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने याकूब मेमन के वकीलों की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया है. कई जाने-माने वकीलों के साथ वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण रात में चीफ जस्टिस के आवास पहुंचे थे और उनसे अपील की थी कि उनकी याचिका पर रात में ही सुनवाई की जाए क्योंकि याकूब को सुबह 7 बजे नागपुर की जेल में फांसी मुकर्रर है.