दिल्ली. नागपुर जेल में अभी से ठीक 5 घंटे बाद फांसी पर चढ़ने वाले याकूब मेनन के जीवन-मरन का निर्णायक फैसला सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच रात 2.30 बजे से शुरू हो रही सुनवाई के बाद देगी. बेंच की अध्यक्षता जस्टिस दीपक मिश्रा करेंगे. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण समेत कई वकील याकूब की फांसी 14 दिन टालने की अपील कर रहे हैं.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तरफ से याकूब मेमन की दया याचिका खारिज होने के बाद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण समेत कई बड़े वकील रात में चीफ जस्टिस के घर के बाहर पहुंच गए थे. ये चाहते हैं कि याकूब की फांसी 14 दिन टाली जाए क्योंकि कानून है कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिन बाद ही फांसी हो सकती है.

यहां दिल्ली में याकूब को फांसी से फिलहाल बचाने की कोशिश में जुटे वकीलों को आखिरी मौका मिल गया है. वहां नागपुर जेल में याकूब को फांसी देने की तैयारियां चल रही हैं. फांसी देने से जुड़े जल्लाद, डॉक्टर समेत दूसरे अधिकारी जेल पहुंच चुके हैं.