नई दिल्ली. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, इंदिरा जय सिंह और राजू रामचंद्रन याकूब मेनन की फांसी 14 दिन रोकने के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के घर पहुंचे हैं. वकीलों ने चीफ जस्टिस से मिलने का वक्त मांगा है. याकूब को कल सुबह 7 बजे नागपुर जेल में फांसी लगनी है.

प्रशांत भूषण के साथ चीफ जस्टिस के घर पहुंचे वकीलों की दलील है कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिन बाद ही फांसी दी जा सकती है इसलिए याकूब को 14 दिन की मोहलत मिलनी चाहिए. भूषण का कहना है कि याकूब की दया याचिका राष्ट्रपति ने आज रात खारिज की है तो उसकी फांसी 14 दिन तक रुके.

खबर लिखे जाने तक सारे वकील चीफ जस्टिस के घर के बाहर ही खड़े हैं. कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर फांसी रोक दी जाती है तो याकूब के वकील राज्यपाल और राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका ठुकराने को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं.