नई दिल्ली: कांग्रेस, लेफ्ट, आप, आरजेडी, जेडीयू समेत कई विपक्षी दलों एकजुट होकर नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं कि वो संसद में ‘मासुका कानून’ का बिल पेश करे और उसे पास कराए नहीं तो विपक्षी सांसद इसे प्राइवेट बिल के तौर पर संसद में पेश करेंगे.
 
मासुका कानून यानी मानव सुरक्षा कानून का एक मसौदा नेशनल कैंपेन अगेन्स्ट मॉब लिंचिंग ने तैयार किया है जिसके साथ कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला, अभिनेत्री स्वरा भास्कर के अलावा प्रकाश आंबेडकर भी जुड़े हैं.
 
 
मानव सुरक्षा कानून के इस सिविल सोसाइटी वाले मसौदे में गाय या किसी भी नाम पर भीड़ के हाथों हत्या को रोकने और उससे कड़ाई से निपटने के प्रावधान हैं. इस मसौदे को संसद में बिल के बतौर पेश करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए 19 जुलाई को दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में अलग-अलग पार्टियों के नेता एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन करने जा रहे हैं.
 
आयोजकों के अनुसार इस संवाददाता सम्मलेन को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, सलमान खुर्शीद, शशि थरूर, आप नेता संजय सिंह, सीपीएम नेता एमबी राजेश, आरजेडी नेता मनोज झा, जेडीयू नेता पवन वर्मा के अलावा सपा, बसपा और एनसीपी के प्रतिनिधि भी संबोधित करेंगे.
 
 
आयोजकों का कहना है कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार इस कानून के मसौदे को संसद में पेश नहीं करती है तो विपक्षी सांसद इसे प्राइवेट बिल के तौर पर संसद में रखेंगे ताकि देश के सामने खड़े इस गंभीर सवाल पर चर्चा हो सके और एक ठोस कानून बन सके.
 
 
बता दें कि हाल ही में जुनैद, डीएसपी अयूब पंडित, अलीमुद्दीन अंसारी, पहलू खान, अबु हनिफा, रियाजुद्दीन अली, जफर हुसैन, मुन्ना अंसारी आदि ये वो लोग हैं, जो पिछले दिनों मॉब-लिंचिंग का शिकार हुए. दिल्ली में मॉब लिंचिंग के खिलाफ #NotInMyName नाम से दिल्ली समेत देश के कई शहरों में बड़ा प्रदर्शन हुआ था.