नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से शनिवार को आयोजित होने वाली ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) के लिए तय ड्रेस कोड में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया. इसके बाद अभ्यर्थी कक्षा में पूरी आस्तीन की कमीज, हिजाब या बुर्का पहनकर नहीं जा सकेंगे. 

कोर्ट ने यह आदेश ‘स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया’ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. याचिका में दलील दी गई थी कि सीबीएसई द्वारा तय इस ड्रेस कोड से उनकी आस्था आहत होती है. कोर्ट ने हालांकि उनकी यह दलील खारिज कर दी.

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच.एल. दत्तू की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने कहा, ‘यदि आप किसी परीक्षा में बिना हिजाब के बैठ जाएंगे, तो आपकी आस्था समाप्त नहीं हो जाएगी.’

याचिका को ‘अहंकार’ करार देते हुए कोर्ट ने कहा परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी हिजाब पहन सकते हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि आस्था एक विशेष प्रकार के कपड़े पहनने से कहीं अलग है.