हैदराबाद. 1993 बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इतेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया है. भेदभाव का आरोप लगाते हुए गुरुवार को उन्होंने कहा कि मुस्लिम होने के कारण मेमन को फांसी दी जा रही है. बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में मेमन की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो गई थी, जिसके बाद उसे 30 जुलाई को फांसी दी जा सकती है.

क्या कहा ओवैसी ने
ओवैसी ने कहा कि अगर फांसी देनी है तो सभी दोषियों को दो केवल धर्म के नाम पर फांसी मत दो. ओवैसी ने कहा, ”प्रधानमंत्री राजीव गांधी, चीफ मिनिस्टर बेअंत सिंह के हत्यारों को पॉलिटिकल प्रेशर के कारण फांसी नहीं दी जा रही है. तमिलनाडु और पंजाब में दोषियों को बचाया जा रहा है. लेकिन याकूब मेमन को कौन सी पॉलिटिकल पार्टी सपोर्ट कर रही है? शिरोमणी अकाली दल पंजाब में बलवंत सिंह राजोना को बचाने के क्या-क्या नहीं किया.” हालांकि, ओवैसी स्पष्ट कहा कि वह मेमन के केस में कोर्ट के फैसले के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जितने भी दोषी हैं उन्हें फांसी होनी चाहिए.

बाबरी मस्जिद मुद्दे को उठाते हुए हैदराबाद के सांसद ने कहा कि विवादित ढांचा गिराने के बाद हुए दंगों में हजारों लोगों को मार डाला गया था. कई अफसरों के खिलाफ सीरियस क्राइम के चार्ज लगे थे लेकिन किसी को दोषी नहीं करार दिया गया.

फांसी पर 29 जुलाई को बयान देंगे सीएम
मुंबई में हुए 1993 के सीरियल ब्लास्ट केस में याकूब मेमन को 30 जुलाई को फांसी पर चढ़ाया जाएगा. मेमन को फांसी पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह इस मामले में 29 जुलाई को बयान जारी करेंगे. मुंबई में सीरियल बम ब्लास्ट 12 मार्च 1993 को हुए थे. इसमें करीब 300 लोगों की मौत हुई थी. जबकि 1400 घायल हुए थे. सुप्रीम कोर्ट से क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद याकूब ने महाराष्ट्र के गवर्नर के सामने मर्सी पिटीशन पेश की है. प्रेसिडेंट उसकी मर्सी पिटीशन ठुकरा चुके हैं.