नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने देश को 9 प्रधानमंत्री दिए हैं. लेकिन अब संभव है कि यूपी के रामनाथ कोविंद राज्य से पहले राष्ट्रपति बन जाएं. बता दे कि बीजेपी ने एनडीए उम्मीदवार के तौर पर बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद का नाम घोषित किया है.
 
कोविंद दलित समाज से आते है. तो दलितों के नाम पर राजनीति करने वाली विपक्षी पार्टियों का समर्थन भी एनडीए को मिल सकता है. अगर कोविंद राष्ट्रपति बनते है तो वो दूसरे दलित होंगे जो देश के प्रथम नागरिक बनेंगे.
 
उत्तर प्रदेश ने देश को 9 प्रधानमंत्री दिए हैं. पहली बार ऐसा संभव है कि राष्ट्रपति भी यूपी से ही बन जाए. अगर पीएम की बात की जाए तो नरेंद्र मोदी से पहले जवाहरलाल नेहरू, लालबहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर और अटल बिहारी वाजपेयी (लखनऊ) प्रधानमंत्री बने हैं. हालांकि लखनऊ में जन्मे मोहम्मद हिदायतुल्लाह 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 तक कार्यवाहक राष्ट्रपति रहे हैं.
 
 
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों उत्तर प्रदेश के होंगे.
अगर राष्ट्रपति बन जाते हैं तो देश के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि एक ही राज्य से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति होंगे. बता दें कि कोविंद कानपुर में जन्में हैं. वहीं देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि तो गुजरात है लेकिन उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी है, यानि कर्मस्थली बनारस है. 
 
कोविंद होंगे दूसरे दलित राष्ट्रपति
एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद अगर राष्ट्रपति का चुनाव जीत जाते हैं तो वो दूसरे दलित राष्ट्रपति होंगे. इससे पहले के आर नारायणन देश के पहले दलित राष्ट्रपति थे. नारायणन 1992 से 1997 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे.
 
रामनाथ कोविंद नहीं जीत सके हैं चुनाव
बीजेपी ने 1990 में उन्हें घाटमपुर लोकसभा सीट से उतारा, लेकिन हार गए. इसके बाद साल 2007 में भोगनीपुर सीट से चुनाव लड़ाया गया. इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा.