पटना: आयकर विभाग (IT) का आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बच्चों पर शिंकजा कसता जा रहा है. सोमवार को आयकर विभाग ने बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मीसा भारती की संपत्ति फौरी तौर पर जब्त कर ली है. जब्त की गईं संपत्तियों में मीसा के पति शैलेश कुमार की प्रॉपर्टी भी शामिल है.
 
बता दें कि जब्त की गई संपत्ति को न तो बेचा जा सकता है और नही उसको किराए पर दिया जा सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार मीसा भारती, तेजस्वी और शैलेश पर कार्रवाई ‘वित्तीय अनियमितताओं’ के आरोपों को लेकर की गई है. लालू के बच्चों से जुड़ी बेनामी संपत्ति जब्त करने के आदेश सोमवार को ही जारी किए गए हैं.

 
राज्यसभा सांसद मीसा भारती को आयकर विभाग ने बेनामी लेनदेन पर स्पष्टीकरण देने के लिए 6 जून और 12 जून को तलब किया गया था लेकिन वह दोनों बार आयकर विभाग के सामने पेश नहीं हुईं. बेनामी एक्ट के अनुसार आईटी को 90 दिन का समय स्पष्टीकरण देने के लिए देना होता है. अगर संबंधित पक्ष इस मामले में विफल रहता है तो उसकी संपति को जब्ती और कुर्की की कार्रवाई की जाती है.
 
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आईटी ने पेश नहीं होने के कारण मीसा भारती पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया था. इससे पहले ईडी ने मीसा के सीए राजेश अग्रवाल को 23 मई को गिरफ्तार कर लिया था. राजेश अग्रवाल को फर्जी कंपनियों के जरिए 8 हजार करोड़ के घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था. मीसा यादव को धन मुहैया कराने का भी राजेश पर आरोप है. मीसा की कंपनी मिशेल पैकर्स एंड प्रिटर्स को एंट्री भी दिलाई थी. दरअसल, इस मामले में कई बड़े लोगों को कमीशन लेकर शैल कंपनियों के जरिए एंट्री दिलाई गई थी. 
 
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जगत प्रोजेक्टस को भी 62 करोड़ से ज्यादा की एंट्री दिलाने का आरोप है. इस मामले में एसके जैन और वीके जैन की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है. दोनों अभी जेल में हैं. ईडी ने दोनों के खिलाफ पिछले सप्ताह आरोपपत्र दाखिल किया था. 
 
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बता दें कि पिछले 16 मई को लालू प्रसाद यादव के 22 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा था. ये सभी छापेमारी दिल्ली के आसपास इलाकों में की गई थी. बताया जा रहा है कि लालू पर 1000 करोड़ की ‘बेनामी संपत्ति’ अर्जित करने के साथ-साथ कर चोरी करने का भी आरोप लगा है. करीब 100 आयकर विभाग अधिकारियों की टीम इस कार्रवाई को अंजाम दे रही थीं.