श्रीनगर: गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि काउंसिल ने टैक्स के 5 स्लैब तय कर दिए हैं, सामानों पर शून्य से 28 फीसदी तक टैक्स के 5 स्लैब होंगे लेकिन रेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं जीएसटी के दायरे से बाहर होंगे.
 
 
श्रीनगर में गुरुवार को शुरू हुई दो दिवसीय जीएसटी काउंसिल की बैठक में रोजमर्रा की 1205 वस्तुओं पर टैक्स रेट घटाने का फैसला लिया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए टैक्स सिस्टम के तहत कई जरूरी चीजों की कीमतें कम हो सकती हैं. अनाज और दूध को टैक्स मुक्त कर दिया गया है. प्रोसेस्ड फूड भी सस्ते हो जाएंगे. 
 
 
काउंसिल ने सर्विसेज पर भी जीएसटी की 4 दरें 5फीसदी, 12फीसदी, 18फीसदी, 28फीसदी रखी गई हैं. साथ ही जेटली ने बताया की ट्रांसपोर्ट सर्विस पर 5 फीसदी टैक्स लगाया जाएगी. वहीं स्टैंडर्ड टैक्स 18 फीसदी होगा और लग्जरी 28 फीसदी. वित्त मंत्री ने कहा कि अभी सिनेमा हॉल सर्विस टैक्स के साथ-साथ अलग अलग राज्यों के एंटरटेनमेंट टैक्स के मुताबिक टैक्स देते हैं. जीएसटी के आने के बाद यह टैक्स कम हो जाएगा.
 
 
जेटली ने कहा कि जीएसटी का सब्सिडी से कोई ताल्लुक नहीं है. जम्मू एंड कश्मीर की विधानसभा को पूरा अधिकार है जीएसटी पर फैसला लेने का. जो लोग कश्मीर में जीएसटी का विरोध कर रहे हैं वे यहां की आवाम का नुकसान कर रहे हैं.
 
 
वित्त मंत्री ने कहा कि टेलिकॉम सर्विसेज पर टैक्स बढ़ा है जो 15 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया गया है. ब्रैंडेड गारमेंट का सर्विस रेट 18 फीसदी किया गया. छोटे रेस्तरां पर 5 फीसदी सर्विस टैक्स होगा, लिकर लाइसेंस वाले रेस्तरां पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा, तो वहीं नॉन एसी रेस्तरां पर 12 फीसदी सर्विस टैक्स लगेगा.
 
 
अरुण जेटली ने कहा कि छोटे रेस्तरां पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा और 1 हजार के कम के होटल और लॉज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. 1 से 2.5 हजार किराए वाले होटल पर 12 फीसदी जीएसटी. ढाई से 5 हजार किराए वाले होटलों पर 18 फीसदी जीएसटी. 5000 से ऊपर किराए वाले होटल पर 28 फीसदी सर्विस टैक्स लगेगा.
 
 
जेटली ने कहा कि कॉमन सर्विसेज को लोअर स्लैब में रखने की राय, इनमें स्टेट टेलिकॉम, बैंकिंग शामिल है. यहां सर्विस टैक्स 18 फीसदी होगा. सोने के स्लैब पर 3 जून को विचार किया जाएगा. ट्रांसपोर्ट सेवाओं को 5 फीसदी के दायरे में रखा गया है. सट्टेबाजी, रेस, बैटिंग पर 28 फीसदी और फाइनैंशल सर्विसेज पर 18 फीसदी जीएसटी होगा.
 
क्या है GST 
GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है, जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा. जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे.